Indian Stock Market 11 June 2026: गुरुवार, 11 जून को भारतीय शेयर बाजार ने गिरावट के साथ शुरुआत की. सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा फिसलकर 73,600 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 23,100 के करीब आ गया. बाजार का मूड काफी खराब नजर आ रहा है और बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा है.
क्या ग्लोबल मार्केट का असर है?
भारतीय बाजारों की इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल संकेत हैं. अमेरिका में बुधवार को टेक्नोलॉजी और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट आई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. जापान, हॉन्गकॉन्ग और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख बाजारों में भी लाल निशान में कारोबार होता दिखा.
पश्चिम एशिया में तनाव का क्या मतलब है?
बाजार में चिंता का एक बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जो ग्लोबल इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तनाव के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे महंगाई का डर और बढ़ गया है.
आगे क्या हो सकता है?
अमेरिकी बाजार में महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आए हैं, लेकिन अभी भी यह काफी ऊंचे स्तर पर है. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें अब लगभग खत्म हो चुकी हैं, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा डगमगाया है. तकनीकी जानकारों के मुताबिक, जब तक निफ्टी 23,350 के स्तर के नीचे है, तब तक बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है. अगर बाजार 23,000 के नीचे फिसलता है, तो और गिरावट देखने को मिल सकती है.
किन सेक्टरों में है असर?
इस गिरावट की मार सबसे ज्यादा IT सेक्टर पर पड़ी है, जहां इंडेक्स 2% से ज्यादा लुढ़क गया. इसके अलावा ऑटो, रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी बिकवाली देखी गई. हालांकि, फार्मा और ऑयल-गैस जैसे कुछ चुनिंदा सेक्टरों में थोड़ी खरीदारी जरूर नजर आ रही है. फिलहाल इन्वेस्टर्स को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि ग्लोबल तनाव और अमेरिका की आर्थिक नीतियां आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करेंगी.
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