Share Market : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के शुक्रवार को आने वाले फैसले से पहले आज घरेलू शेयर बाजार में गजब का सस्पेंस देखने को मिला. पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच गुरुवार (4 जून, 2026) को बाजार पूरे दिन ऊपर-नीचे होता रहा, लेकिन अंत में यह लगभग कल के स्तर पर ही (फ्लैट) बंद हुआ. बाजार के जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों को लेकर आरबीआई क्या रुख अपनाता है, इसे देखने के लिए निवेशकों ने आज कोई बड़ा दांव नहीं लगाया और बेहद सतर्क रुख अपनाया.
मामूली बढ़त के साथ बंद
बृहस्पतिवार के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद दोनों मुख्य सूचकांक मामूली हरे निशान पर बंद होने में कामयाब रहे.
- BSE Sensex: महज 13.84 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 74,360.01 पर बंद हुआ. आज के कारोबार में इसने 74,544.24 का हाई और 73,807.30 अंक का लो लेवल देखा.
- NSE Nifty 50: सिर्फ 10.95 अंक (0.05%) चढ़कर 23,416.55 के स्तर पर बंद हुआ.
शुरुआती दबाव के बाद निचले स्तरों से लौटी रौनक
लाइवलोंग वेल्थ के शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. के मुताबिक, “कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) की वजह से बाजार की शुरुआत आज काफी दबाव के साथ हुई थी. लेकिन अच्छी बात यह रही कि निचले स्तरों पर निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी, जिससे दोनों सूचकांक अपने शुरुआती नुकसान की पूरी भरपाई करने में सफल रहे.”
कौन से शेयर चमके और कौन से फिसले
- मुनाफा कमाने वाले (Top Gainers): सेंसेक्स की कंपनियों में आज टाइटन, आईटीसी (ITC), टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई.
- नुकसान उठाने वाले (Top Laggards): दूसरी तरफ इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक (HCL Tech) और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी, क्रूड ऑयल में थोड़ी राहत
विदेशी निवेशकों का पैनिक: शेयर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है. बुधवार को उन्होंने बाजार से 5,616.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा बाहर निकाला.
वैश्विक बाजार से भारत के लिए राहत की बात यह रही कि ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) का भाव 1.68% गिरकर 96.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में यह कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए अच्छी मानी जा रही है.
एशियाई बाजारों में मंदी
गुरुवार को एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में कमजोरी का रुख हावी रहा.
- जापान और चीन सुस्त: जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक आज नुकसान के साथ लाल निशान पर बंद हुए.
- यूरोप और अमेरिका: अमेरिकी बाजार बीते बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन आज ज्यादातर यूरोपीय बाजारों में बढ़त के साथ कामकाज होता देखा गया.
