Rupee vs Dollar: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय रुपये के लिए अच्छी खबर आई है. विदेशी बाजारों में डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट की वजह से रुपया शुक्रवार को 29 पैसे मजबूत होकर 92.85 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ.
बाजार में आज रुपये की चाल
- शुरुआत: रुपया 92.93 पर खुला था.
- सबसे ऊँचा स्तर: कारोबार के दौरान यह 92.65 के शानदार स्तर तक भी पहुंचा.
- क्लोजिंग: अंत में यह 92.85 (अस्थायी) पर थमा, जो गुरुवार (93.14) के मुकाबले बड़ी बढ़त है.
रुपये की ‘शक्ति’ बढ़ने के 4 बड़े कारण
- कच्चे तेल में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.23% फिसलकर $96.18 प्रति बैरल पर आ गया है. तेल सस्ता होने से भारत को कम डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है.
- शांति की उम्मीद: इजराइल-लेबनान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत ने निवेशकों के डर को कम कर दिया है.
- शेयर बाजार में जोश: सेंसेक्स और निफ्टी में आज 0.65% की बढ़त रही। विदेशी निवेशकों ने भी बाजार में पैसा लगाया, जिससे देश में डॉलर का फ्लो बढ़ा.
- डॉलर इंडेक्स नरम: दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चमक थोड़ी फीकी हुई है, जिससे रुपये जैसी उभरती करेंसी को बढ़ने का मौका मिला.
आगे क्या है अनुमान?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपया 92.50 से 93.20 के दायरे में रह सकता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौते को लेकर दिए गए सकारात्मक संकेतों ने बाजार का मूड सुधार दिया है.
आम आदमी के लिए क्या है इसका मतलब?
जब रुपया मजबूत होता है, तो विदेश से आने वाली चीजें (जैसे मोबाइल, लैपटॉप और तेल) सस्ती होने की संभावना बढ़ जाती है. यह महंगाई को कम करने में भी मदद करता है.
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