IRCTC का वह इंश्योरेंस, जो 49 पैसे के खर्च पर देता है 10 लाख रुपये का कवर

IRCTC Travel Insurance – ट्रेन टिकट बुकिंग के समय सिर्फ 49 पैसे खर्च करके 10 लाख रुपये तक इंश्योरेंस मिलता है. IRCTC की ऑफिशियल वेबसाइट या किसी ऐप से टिकट बुक करते समय यूजर से इसके लिए परमिशन मांगी जाती है. इसका खर्च 49 पैसे है, जो टिकट के कॉस्ट में जुड़ता है.

Indian Railways News: ओडिशा के बालासोर (Coromandel Train Accident) में शुक्रवार 2 जून को एक भीषण रेलवे हादसा हुआ, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वहीं घायलों की संख्या सैकड़ों में बतायी जा रही है. दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है. आमतौर पर इस तरह की दुर्घटना के बाद हताहत यात्रियों के परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाता है. वहीं, टिकट बुक कराते समय ट्रैवल इंश्योरेंस (IRCTC Travel Insurance) लेने पर लाखों का मुआवजा मिलता है, जो पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक रूप से संबल का काम करता है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) की तरफ से टिकट बुकिंग (Online Ticket Booking) के समय सिर्फ 49 पैसे में ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है.

49 पैसे में 10 लाख का इंश्योरेंस

ट्रेन टिकट बुकिंग के समय सिर्फ 49 पैसे खर्च करके 10 लाख रुपये तक इंश्योरेंस मिलता है. IRCTC की ऑफिशियल वेबसाइट या किसी ऐप से टिकट बुक करते समय यूजर से इसके लिए परमिशन मांगी जाती है. इसका खर्च 49 पैसे है, जो टिकट के कॉस्ट में जुड़ता है. इंश्योरेंस के ऑप्शन पर अपनी स्वीकृति देने पर ट्रेन के साथ किसी भी हादसा के होने की स्थिति में मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर 10 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता है. वहीं, आंशिक विकलांगता होने पर 7.5 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है, जबकि अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में 2 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है.

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सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान

कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को 12 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. रेल मंत्रालय ने इस हादसे के बाद जानकारी दी है कि वह मृतकों के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा देगी और पीएमएनआरएफ की ओर से भी मृतकों को 2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा. गंभीर रूप से घायलों को रेलवे की ओर से 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं, मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जबकि पीएमएनआरएफ की तरफ से सभी घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी.

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Published by: Rajeev kumar

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