Russian Oil: ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव का असर अब वैश्विक तेल सप्लाई पर साफ दिखाई देने लगा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रूट प्रभावित होने के बाद कई देशों को अपनी ऊर्जा रणनीति बदलनी पड़ रही है. इसी बीच खबर है कि भारत अब करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदने की तैयारी में है.
ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी भारतीय कंपनियों ने रूस से तेल खरीदने के समझौते किए हैं. बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल ने लगभग 1 करोड़ बैरल और रिलायंस ने भी करीब 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा, जबकि बाकी तेल अन्य भारतीय रिफाइनिंग कंपनीयां खरीदेगी.
रास्ते में ही जहाजों ने बदला रुख
शिपिंग डेटा के अनुसार कुछ रूसी तेल टैंकर, जो पहले सिंगापुर की ओर जा रहे थे, उन्होंने अब अपना रास्ता बदलकर भारत की तरफ कर लिया है. इनमें ‘मायलो’ और ‘सारा’ जैसे बड़े जहाज शामिल हैं. ये जहाज एशियाई समुद्र में पहले से मौजूद थे, लेकिन उन्हें खरीदार नहीं मिल रहा था. अब भारत ने इन जहाजों से तेल खरीद लिया है.
पहले रूस से खरीद कम कर दी थी
पिछले कुछ महीनों में भारत ने रूस से तेल की खरीद कम कर दी थी और इसकी जगह सऊदी अरब और इराक से ज्यादा तेल लेना शुरू कर दिया था. फरवरी में रूस से तेल आयात घटकर करीब 10.6 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, जबकि 2024 के मध्य में यह आंकड़ा 20 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा था. लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बाद भारत ने एक बार फिर रूस से तेल खरीदने का फैसला किया है, ताकि देश में ऊर्जा की कमी न हो.
होर्मुज रूट पर कम की निर्भरता
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है. भारत भी अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता था. हालात को देखते हुए भारत ने अब अपनी रणनीति बदल दी है. पहले भारत करीब 60% कच्चा तेल होर्मुज के अलावा अन्य रास्तों से मंगाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 70% कर दिया गया है. इसके अलावा उन रूट्स से होने वाले आयात में 10% तक बढ़ोतरी की गई है जो होर्मुज के दायरे में नहीं आते.
जल्द सामान्य हो सकती है स्थिति
सरकारी सूत्रों का कहना है कि होर्मुज के पास जहाजों की आवाजाही जल्द फिर से शुरू हो सकती है. ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वह अपने पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा, जब तक उसके खिलाफ उनके इलाकों से हमला न किया जाए. वहीं भारत के लिए राहत की बात यह है कि कई देश उसे तेल और LNG की सप्लाई देने में रुचि दिखा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल भारत के पास LNG का पर्याप्त स्टॉक भी मौजूद है.
