India New Zealand Partnership: इस दौरान दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए और अपने रिश्तों को 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Strategic Partnership) तक बढ़ाने का फैसला लिया. यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों के साथ रिश्ते और मजबूत करने पर जोर दे रहा है.
क्या रहा इस दौरे का सबसे बड़ा फैसला?
बैठक के बाद भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को Strategic Partnership का दर्जा देने का ऐलान किया. इसके साथ ही दोनों देशों ने 'India-New Zealand Strategic Partnership: Roadmap to 2030' को मंजूरी दी, जो अगले चार वर्षों तक दोनों देशों के बीच सहयोग का रोडमैप तय करेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मिलकर काम करने और आपसी सहयोग को नई मजबूती देने पर जोर दिया. वहीं प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी दोनों देशों के बीच लंबे समय तक मजबूत साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई.
किन-किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?
दोनों नेताओं ने मौजूदा सहयोग को और मजबूत करने के साथ नए क्षेत्रों में भी साथ काम करने पर सहमति जताई.
| क्षेत्र | क्या होगा सहयोग |
| व्यापार | फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत आगे बढ़ेगी |
| रक्षा | रक्षा सहयोग को और मजबूत किया जाएगा |
| शिक्षा | शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ेगी |
| कस्टम्स | सीमा शुल्क से जुड़े सहयोग को बढ़ावा मिलेगा |
| बागवानी | हॉर्टिकल्चर में मिलकर काम होगा |
| वानिकी | फॉरेस्ट्री सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा |
| खेल | खेल और स्पोर्ट्स इनोवेशन में साझेदारी होगी |
| इंडो-पैसिफिक | क्षेत्रीय सहयोग को नई मजबूती मिलेगी |
व्यापार को लेकर क्या है दोनों देशों का प्लान?
संयुक्त बयान के मुताबिक, इस समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 2.25 अरब डॉलर का है. दोनों देशों का लक्ष्य फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और लगभग टैरिफ-फ्री कारोबारी माहौल के जरिए व्यापार को और तेजी से बढ़ाना है. दोनों प्रधानमंत्रियों ने याद दिलाया कि मार्च 2025 में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भारत आए थे. उसी दौरान दोनों देशों ने FTA पर बातचीत शुरू करने का फैसला लिया था और रक्षा, शिक्षा, कस्टम्स, बागवानी, वानिकी और खेल जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए थे.
दौरे के दौरान और क्या-क्या हुआ?
न्यूजीलैंड पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का Government House में औपचारिक (formal) स्वागत किया गया. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया. इसके अलावा उन्होंने न्यूजीलैंड की खेल नवाचार (Sports Innovation) से जुड़ा एक विशेष प्रदर्शन भी देखा.
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