भारत में LNG सप्लाई फिर हुई सामान्य, सरकार ने वापस लिया इमरजेंसी गैस रेगुलेशन ऑर्डर, जानिए इसका क्या होगा असर

Natural Gas regulation order withdrawn : भारत में LNG सप्लाई सामान्य होने के बाद सरकार ने इमरजेंसी गैस रेगुलेशन ऑर्डर वापस ले लिया है. जानिए इसका उद्योग, बिजली, गैस कीमतों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा.

Natural Gas regulation order withdrawn : देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई एक बार फिर सामान्य हो गई है. इसके बाद केंद्र सरकार ने युद्धकाल के दौरान लागू किए गए ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ को वापस लेने का फैसला किया है.

यह कदम पश्चिम एशिया में युद्धविराम लागू होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से LNG जहाजों की आवाजाही दोबारा सामान्य होने के बाद उठाया गया है. इस फैसले से सबसे बड़ी राहत उन उद्योगों को मिलेगी, जिनका उत्पादन काफी हद तक प्राकृतिक गैस पर निर्भर करता है.

सरकार ने इमरजेंसी गैस ऑर्डर क्यों वापस लिया?

कुछ महीने पहले पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज हो गया था. इसके चलते दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज प्रभावित हुआ.

इसका असर भारत सहित कई देशों की LNG सप्लाई पर पड़ा. कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स ने भारत आने वाले LNG कार्गो रोक दिए या दूसरे देशों की ओर भेज दिए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर लागू किया था. अब युद्धविराम और सामान्य समुद्री आवाजाही के बाद इस आदेश की जरूरत नहीं रही.

LNG क्या होती है?

LNG यानी Liquefied Natural Gas प्राकृतिक गैस का तरल रूप है. प्राकृतिक गैस को लगभग -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके तरल बनाया जाता है, जिससे उसका आयतन लगभग 600 गुना कम हो जाता है. इससे इसे जहाजों के जरिए लंबी दूरी तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस आयात करता है और इसमें सबसे बड़ा हिस्सा LNG का होता है.

LNG का उपयोग कहां-कहां होता है?

LNG केवल उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.

  • बिजली उत्पादन
  • उद्योगों में
  • घरेलू और व्यावसायिक उपयोग
  • परिवहन
  • केमिकल उद्योग

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे व्यस्त ऊर्जा समुद्री मार्ग माना जाता है. भारत के लिए इसकी अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि.

तथ्यस्थिति
कच्चे तेल का आयातलगभग 88 प्रतिशत
प्राकृतिक गैस का आयातलगभग 50 प्रतिशत
खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल40 से 45 प्रतिशत
खाड़ी देशों से LNGलगभग 65 प्रतिशत

भारत की अधिकांश LNG कतर से आती है और उसके जहाज इसी समुद्री मार्ग से गुजरते हैं. यदि यह रास्ता बंद हो जाए, तो भारत में गैस की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

सरकार ने कौन-कौन से इमरजेंसी फैसले वापस लिए?

LNG रेगुलेशन हटाना सरकार का तीसरा कदम है. इससे पहले सरकार. तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए गए विशेष निर्देश वापस ले चुकी है. बल्कि उपभोक्ताओं के लिए डीजल बिक्री पर लगाई गई सीमा भी समाप्त कर चुकी है. अब ऊर्जा क्षेत्र लगभग सामान्य स्थिति में लौट चुका है.

इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?

  • उद्योगों को
  • बिजली कंपनियों को
  • केमिकल और फर्टिलाइजर सेक्टर
  • आयातकों को
  • LNG

क्या आम लोगों को भी मिलेगा फायदा?

सीधे तौर पर शायद तुरंत कोई बड़ा बदलाव न दिखे, लेकिन लंबे समय में इसका असर आम लोगों तक पहुंच सकता है. संभावित फायदे.

  • PNG सप्लाई स्थिर रहेगी.
  • उद्योगों की लागत बढ़ने से बच सकती है.
  • बिजली उत्पादन पर दबाव कम होगा.
  • ईंधन बाजार में घबराहट कम होगी.
  • महंगाई पर दबाव सीमित रह सकता है.

क्या भविष्य में फिर ऐसा संकट आ सकता है?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अभी भी तेल और गैस आयात पर काफी निर्भर है.

यदि भविष्य में पश्चिम एशिया में फिर तनाव बढ़ता है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होता है. समुद्री परिवहन प्रभावित होता है तो भारत को फिर से ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इसी कारण भारत लगातार.रणनीतिक तेल भंडार बढ़ा रहा है. LNG आयात के नए स्रोत तलाश रहा है. नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ा रहा है. और घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रहा है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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