India Canada Trade : भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए एक बड़े ‘व्यापार एवं निवेश मंच’ (Trade and Investment Forum) की शुरुआत की है. शुक्रवार (29 मई, 2026) को जारी एक आधिकारिक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई. इस मंच का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स और कंपनियों को एक साथ लाना और नई वाणिज्यिक साझेदारियों (Commercial Partnerships) को बढ़ावा देना है.
यह महत्वपूर्ण घोषणा भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की तीन दिवसीय (25-27 मई) कनाडा की आधिकारिक यात्रा के सफल समापन के बाद की गई है. अपनी इस यात्रा के दौरान पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू के साथ गहन द्विपक्षीय वार्ता की और वहां के कई बड़े बिजनेस दिग्गजों से मुलाकात की.
दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने पर बनी सहमति
संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत और कनाडा ने आपसी आर्थिक रिश्तों को और अधिक मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख स्तंभों पर काम करने की सहमति जताई है, जिन्हें व्यापार विस्तार के लिए सबसे जरूरी माना गया है.
- लोगों के बीच सीधा संपर्क (People-to-People Contact)
- व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business)
- प्रत्यक्ष वाणिज्यिक संबंध (Direct Commercial Ties)
साल के अंत तक होगा बड़ा ‘CEPA’ समझौता
इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA – Comprehensive Economic Partnership Agreement) को लेकर दोनों देशों की प्रतिबद्धता रही. दोनों देशों ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और परस्पर लाभकारी सीईपीए (CEPA) समझौते को आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
दोनों पक्षों ने पुष्टि की है कि इस साल (2026) के अंत तक इस वार्ता को पूरी तरह संपन्न करने का साझा लक्ष्य रखा गया है. यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के लिए एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंच आसान बनाएगा, ग्लोबल सप्लाई चेन (आपूर्ति शृंखला) को सुरक्षित और मजबूत करेगा, और दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) को नई रफ्तार देगा.
भारत आएगा ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’
दोनों देशों के बीच व्यापारिक सुगमता को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू ने एक और बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने पुष्टि की है कि कनाडा इस वर्ष के अंत तक ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ (Team Canada Trade Mission) का एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत भेजेगा, जो यहां आकर नए निवेश और व्यापार के अवसरों को तलाशेगा.
वैश्विक आर्थिक समीकरणों के बदलते दौर में भारत और कनाडा का यह कदम दोनों देशों के व्यापारियों, निर्यातकों और नए स्टार्टअप्स के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा. विशेष रूप से साल के अंत तक होने वाला सीईपीए (CEPA) समझौता दोनों देशों के आर्थिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है.
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