Impact of War on USA: ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का असर अब अमेरिका के आम नागरिकों की जेब पर दिखने लगा है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने न केवल सफर महंगा कर दिया है, बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर हवाई यात्रा तक सब कुछ महंगा कर दिया है.
क्या ऑनलाइन शॉपिंग और हवाई सफर अब महंगा होगा?
जी हां, युद्ध की वजह से फ्यूल की बढ़ती कीमतों का बोझ कंपनियों ने कस्टमर्स पर डालना शुरू कर दिया है. दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने घोषणा की है कि वह अपनी डिलिवरी पर फ्यूल सरचार्ज वसूलेगी. इतना ही नहीं, 17 अप्रैल से अमेजन थर्ड पार्टी सेलर्स पर भी 3.5 परसेंट का एडिशनल चार्जेस लगाएगी. वहीं, कई एयरलाइन कंपनियों ने फ्यूल के बढ़ते खर्च की भरपाई के लिए चेक-इन बैगेज की फीस बढ़ा दी है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने कैसे तोड़ा रिकॉर्ड?
युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका में फ्यूल के दाम आसमान छू रहे हैं:
- पेट्रोल: शुक्रवार को पेट्रोल की औसत कीमत 4.09 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो युद्ध से पहले की तुलना में 1 डॉलर से भी ज्यादा महंगा है. यह अगस्त 2022 के बाद का सबसे हाईएस्ट लेवल है.
- डीजल: डीजल की हालत और भी खराब है. पिछले साल जो डीजल 3.64 डॉलर था, वह अब 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गया है. क्योंकि डीजल का इस्तेमाल खेती, कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट में होता है, इसलिए आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं.
क्या डाक सेवा और डिलीवरी भी होगी प्रभावित?
अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने भी 8 परसेंट फ्यूल सरचार्ज लगाने की तैयारी कर ली है. अगर मंजूरी मिलती है, तो यह 26 अप्रैल से लागू होकर जनवरी 2027 तक जारी रह सकता है. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि क्योंकि यह एक ग्लोबल मार्केट है, इसलिए अमेरिका इस संकट से अछूता नहीं रह सकता है.
आगे क्या होगा और आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
शिकागो फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन ऑस्टन गूल्सबी के अनुसार, अगर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ती है, तो इसका सीधा असर हर छोटी-बड़ी चीज की कीमत पर पड़ेगा. अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो सप्लाई चेन ठप हो सकती है, जिससे महंगाई और अधिक बढ़ सकती है. फिलहाल, अमेरिकी जनता बढ़ते लिविंग कॉस्ट को लेकर काफी चिंतित है.
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