Lockdown का असर : 15 फीसदी से अधिक घटा ओएनजीसी का गैस उत्पादन, अप्रैल के दौरान देश में आयी 18.6 फीसदी की गिरावट

कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने को लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से देश का प्राकृतिक गैस का उत्पादन अप्रैल में 18.6 फीसदी घट गया.

कोरोना वायरस और कोरोना वायरस के संक्रमण से उपजी महामारी ने दुनिया भर के समृद्ध देशों के हालात को फाख्ता करके रख दिया. अमेरिका, चीन, रूस, जापान, फ्रांस और जर्मनी जैसे शक्तिशाली देशों की अर्थव्यवस्थाओं की चूलें तक हिल गयीं. इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और यहां की आर्थिक गतिविधियों पर भी गहरे तरीके से पड़ा. महामारी को रोकने के लिए भारत सरकार को दो महीने पहले देश में लॉकडाउन का ऐलान करना पड़ा, जो अभी तक अनवरत जारी है. इस लॉकडाउन में आर्थिक गतिविधियां और उत्पादन का काम ठप पड़ गये. पेट्रोलियम के क्षेत्र में भी उत्पादन ठप रहे. इसी का नतीजा रहा कि प्राकृतिक गैस के उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गयी. आइए, पढ़ते हैं कि केवल अप्रैल के महीने में देश का प्राकृतिक गैस उत्पादन कितना गिरा…

नयी दिल्ली : कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने को लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से देश का प्राकृतिक गैस का उत्पादन अप्रैल में 18.6 फीसदी घट गया. पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में गैस उत्पादन 2.16 अरब घनमीटर रहा, जो इससे पिछले साल के समान महीने के 2.65 अरब घनमीटर से 18.6 फीसदी कम है. देश की सबसे बड़ी गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी के उत्पादन में भारी गिरावट से कुल उत्पादन घटा है. अप्रैल महीने में ओएनजीसी का गैस उत्पादन 15.3 फीसदी घटकर 1.72 अरब घनमीटर रहा.मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 की वजह से ग्राहकों द्वारा गैस का उठाव घटाने से तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के गैस उत्पादन में कमी गयी है.

Also Read: लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध बढ़े, टिकटॉक को लेकर महराष्ट्र के गृह मंत्री ने कह दी ये बड़ी बात

सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड का गैस उत्पादन भी 10 फीसदी घटकर 20.20 करोड़ घनमीटर रह गया. समीक्षाधीन महीने में देश का कच्चे तेल का उत्पादन 6.35 फीसदी घटकर 25 लाख टन रहा. ओएनजीसी का कच्चे तेल का उत्पादन अप्रैल में मामूली गिरावट के साथ 17 लाख टन रहा. वहीं, निजी क्षेत्र की कंपनियों मसलन केयर्न के परिचालन वाले क्षेत्रों से उत्पादन 19.2 फीसदी घटकर 6,15,800 टन रह गया.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केयर्न के राजस्थान क्षेत्र का उत्पादन 19.2 फीसदी घटकर 4,90,560 टन रह गया. मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर वाहन सड़कों से बाहर रहे. इस वजह से रिफाइनरियों ने अप्रैल में 30 फीसदी कम यानी 1.89 करोड़ टन ईंधन का उत्पादन किया. मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन में कमी की प्रमुख वजह कोविड-19 की वजह से लागू बंद के चलते मांग में भारी गिरावट आना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >