'राज्य सरकारों ने चाहा तो ग्रीन और ऑरेंज जोन में ग्राहकों के लिए खुल सकते हैं शॉपिंग मॉल्स'

आरएआई को उम्मीद है कि संबंधित राज्य सरकारें शॉपिंग मॉल्स को सुरक्षित मानते हुए इन्हें नियमन वाले तरीके से ग्राहकों के लिए खोलने की अनुमति देंगे.

नयी दिल्ली : संगठित खुदरा कंपनियों के संगठन रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) ने केंद्र सरकार की नयी अधिसूचना को अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए एक अच्छी शुरुआत बताया. आरएआई ने कहा कि अब उसे इस बात का इंतजार है कि विभिन्न राज्य सरकारें इन नए दिशानिर्देशों को कैसे अपनाती हैं. आरएआई को उम्मीद है कि संबंधित राज्य सरकारें शॉपिंग मॉल्स को सुरक्षित मानते हुए इन्हें नियमन वाले तरीके से ग्राहकों के लिए खोलने की अनुमति देंगे. सरकार की ओर से शनिवार को नई अधिसूचना जारी गयी है. इसमें लॉकडाउन 3.0 के दौरान ग्रीन और ऑरेंज जोन में अंकुशों के साथ कुछ ढील दी गयी है. लॉकडाउन 3.0 चार मई से 14 दिन के लिए लागू किया गया है.

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आरएआई ने बयान में कहा कि गृह मंत्रालय की नयी अधिसूचना अर्थव्यवस्था को चलाने की दृष्टि से एक अच्छी शुरुआत है. हम राज्यों की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि राज्य सरकारें इन दिशानिर्देशों को कैसे लेती हैं? बयान में कहा गया है कि हमें उम्मीद है कि सरकार शॉपिंग मॉल्स को सुरक्षित मानते हुए उन्हें भी खोलने की अनुमति देगी.आरएआई ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन से खुदरा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस महामारी की स्थिति में टिके रहने के लिए उसे वित्तीय और नीतिगत समर्थन का इंतजार है.

सरकार ने शुक्रवार को लॉकडाउन को 14 दिनों के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की है. इस दौरान अंतरराज्यीय यात्रा, हवाई और ट्रेन सेवाएं स्थगित रहेंगी. हालांकि, लॉकडाउन 3.0 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन में वर्गीकृत करते हुए कुछ गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी.

सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ), निर्यातोन्मुख इकाइयों (EOU) और औद्योगिक एस्टेट्स और टाउनशिप में औद्योगिक प्रतिष्ठानों को परिचालन की अनुमति होगी. शहरी क्षेत्रों में मॉल्स, बाजारों, बाजार परिसरों में गैर-आवश्यक उत्पादों की दुकानें बंद रहेंगी. हालांकि, गली-मोहल्ले, पास-पड़ोस और आवासीय परिसरों में स्थित सभी दुकानें (आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं) खोली जा सकेंगी. रेड जोन में ई-कॉमर्स कंपनियां सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर सकेंगी. निजी कार्यालय 33 फीसदी श्रमबल के साथ परिचालन कर सकेंगे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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