UPI AutoPay एक ऐसी तकनीक है जो आपके बार-बार होने वाले भुगतानों (जैसे रिचार्ज, बिल या OTT) को आसान बनाती है. एक बार परमिशन देने के बाद, तय तारीख पर आपके बैंक खाते से पैसे अपने आप कट जाते हैं। यह फीचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया था जो बिल भरने की तारीख भूल जाते हैं.
कहां होती है चूक?
अक्सर हम किसी ऐप का ‘फ्री ट्रायल’ लेने के लिए ऑटो-पेमेंट सेट कर देते हैं. ट्रायल खत्म होने के बाद हम ऐप इस्तेमाल करना तो बंद कर देते हैं, लेकिन पेमेंट कैंसल करना भूल जाते हैं. नतीजा यह होता है कि हर महीने चुपचाप पैसे कटते रहते हैं और हमें महीनों तक पता भी नहीं चलता. सिर्फ ऐप डिलीट करने से आपका पैसा कटना बंद नहीं होगा. आपको मैन्युअली उस मैंडेट को डिलीट करना पड़ता है.
कैसे चेक करें अपनी AutoPay लिस्ट?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके बैंक खाते से पैसा कहाँ-कहाँ ऑटो-डेबिट हो रहा है, तो आप अपने UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay या Paytm) में इसे आसानी से देख सकते हैं. जैसे PhonePe का उदाहरण
- ऐप खोलें और अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें.
- नीचे की ओर Payment Settings या AutoPay का विकल्प ढूंढें.
- यहां आपको उन सभी ऐप्स की लिस्ट मिल जाएगी जिन्हें आपने पैसे काटने की अनुमति दी है.
गैर-जरूरी पेमेंट्स को कैसे रोकें?
लिस्ट देखने के बाद आपके पास दो मुख्य विकल्प होते हैं:
- अगर आप कुछ समय के लिए पेमेंट रोकना चाहते हैं.
- अगर आप उस सर्विस का इस्तेमाल अब कभी नहीं करना चाहते, तो Remove/Delete चुनकर हमेशा के लिए बंद कर दें.
स्मार्ट यूजर बनने के टिप्स
- महीने में कम से कम एक बार अपनी AutoPay लिस्ट जरूर देखें.
- किसी भी फ्री ट्रायल को जॉइन करते समय रिमाइंडर लगा लें ताकि समय रहते उसे बंद किया जा सके.
- छोटी-छोटी रकम मिलकर साल भर में बड़ा खर्च बन जाती है, इसलिए केवल जरूरी सेवाओं को ही ऑटो-मोड पर रखें.
Also Read: एक गलती से हो सकती है सारी जमापूंजी गायब, जानें जॉइंट बैंक अकाउंट के ये नियम
