2000 के नोट के साथ नोटबंदी के बाद ऐसे बदली सभी करेंसी नोटों की डिजाइन

2016 की नोटबंदी के बाद सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रचलन में चल रहे सभी नोटों का लुक और डिजाइन बदल दिया है. नोट इससे पहले की तुलना में छोटे हो गए हैं. साथ ही, नोट काफी रंग-बिरंगे हो गए हैं. नोटबंदी के बाद बाजार में 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 के नये नोट आये. इन नये नोटों पर आइए डालें एक नजर-

New Currency Note: भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है. अब इन नोटों का लेन-देन में इस्तेमाल नहीं होगा. 30 सितंबर तक इन नोटों को बैंक में ले जाकर बदला जा सकता है. इससे पहले मोदी सरकार ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया था और तब 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. बाजार में नोटों की किल्लत न हो जाए, इसके लिए सरकार 2000 रुपये के नोट लायी थी. लगभग साढ़े छह साल बाद रिजर्व बैंक ने इन नोटों को चलन से बाहर करने का ऐलान कर दिया है. हालांकि इन नोटों की छपाई लगभग चार साल से बंद थी.

बहरहाल, 2016 की नोटबंदी के बाद सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रचलन में चल रहे सभी नोटों का लुक और डिजाइन बदल दिया है. नोट इससे पहले की तुलना में छोटे हो गए हैं. आरबीआई का कहना है कि नये नोटों का साइज अंतरराष्ट्रीय स्तर का रखा गया है. साथ ही, नोट काफी रंग-बिरंगे हो गए हैं. नोटबंदी के बाद बाजार में 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 के नये नोट आये. इन नये नोटों पर आइए डालें एक नजर-

10 रुपये का नया नोट

आरबीआई ने जनवरी 2018 में नये 10 रुपये के बैंक नोट पेश किये. चॉकलेटी भूरे रंग के 10 रुपये के नये नोट के पीछे कोणार्क के सूर्य मंदिर की तस्वीर है.

20 रुपये का नया नोट

रिजर्व बैंक ने 20 रुपए का नया नोट अगस्त 2019 में उतारा. थोड़ा हरा-पीले रंग का यह नोट अपने पिछले भाग पर एलोरा की गुफाओं का चित्र समेटे हुए है.

50 रुपये का नया नोट

आरबीआई ने अगस्त 2017 में 50 रुपये का नया नोट पेश किया. फ्लोरेसेंट ब्लू कलर के इस नोट के पिछली तरफ हम्पी के पत्थर वाले रथ की तस्वीर है.

100 रुपये का नया नोट

रिजर्व बैंक ने जुलाई 2018 में 100 का नया नोट बाजार में उतारा. लैवेंडर कलर के इस नोट के पीछे रानी की वाव का चित्र है, जो गुजरात के पाटण में स्थित है.

200 रुपये का नोट

अगस्त 2017 में केंद्रीय बैंक ने 200 रुपये का नोट पेश किया था. चमकीले पीले रंग के आधार रंग के इन नोटों के पिछले हिस्से पर सांची स्तूप का रूपांकन है.

500 रुपये का नया नोट

नवंबर 2016 में आरबीआई द्वारा पेश किया गया 500 रुपये का नोट स्टोन ग्रे के बेस कलर में आता है. इसके पीछे दिल्ली का लाल किला अंकित है.

2000 रुपये का नया नोट

आरबीआई ने नवंबर 2016 में 2000 के बैंक नोट जारी किये. मैजेंटा के आधार रंग में आये इन नोटों पर मंगलयान का चित्र अंकित है, जो भारत की वैज्ञानिक प्रगति का प्रतीक है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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