अगर आप अपना घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ बैंक से मिलने वाला होम लोन ही आपका खर्च कम नहीं करता. सरकार की कुछ योजनाओं और नियमों के जरिए भी घर खरीदने या होम लोन का बोझ कम किया जा सकता है. सबसे बड़ा फायदा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के तहत मिल सकता है.
1. PMAY-U 2.0: होम लोन पर मिल सकता है ₹1.80 लाख तक का फायदा
अगर आप शहर में घर खरीद रहे हैं और होम लोन लेने वाले हैं तो PMAY-U 2.0 की Interest Subsidy Scheme आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है. इसमें पात्र परिवारों को होम लोन के पहले ₹8 लाख पर 4% ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है. अधिकतम जारी की जाने वाली ब्याज सब्सिडी ₹1.80 लाख तक है. इसके लिए परिवार की सालाना आय ₹9 लाख तक, होम लोन की राशि ₹25 लाख तक और घर की कीमत ₹35 लाख तक होनी चाहिए. योजना में घर का कारपेट एरिया भी निर्धारित सीमा के अंदर होना चाहिए.
2. गांव में घर बनाना है तो PMAY-G
अगर आप ग्रामीण इलाके में रहते हैं और आपके परिवार के पास पक्का घर नहीं है, तो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मदद मिल सकती है. यह योजना शहर में तैयार फ्लैट खरीदने की सामान्य योजना नहीं है. इसका मुख्य उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने में सहायता देना है. यानी अगर आपका मामला गांव में नया घर बनाने का है तो PMAY-G की पात्रता देखना ज्यादा जरूरी है.
3. होम लोन के ब्याज पर टैक्स में छूट
घर खरीदने के बाद हर महीने EMI जाती है. इस EMI में दो हिस्से होते हैं - मूलधन और ब्याज. पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले पात्र करदाताओं को अपने खुद के रहने वाले घर के लिए होम लोन के ब्याज पर Income Tax Act की धारा 24(b) के तहत ₹2 लाख तक की deduction मिल सकती है.
4. होम लोन के मूलधन पर भी टैक्स लाभ
आपकी EMI का दूसरा हिस्सा होम लोन का principal यानी मूलधन चुकाने में जाता है. पुरानी टैक्स व्यवस्था में पात्र होम लोन के principal repayment को Section 80C के तहत deduction में शामिल किया जा सकता है. Section 80C के तहत कुल deduction की सीमा ₹1.50 लाख है, जिसमें कई अन्य निवेश और भुगतान भी शामिल होते हैं.
5. EPF खाते से घर के लिए पैसा निकाल सकते हैं
अगर आप नौकरी करते हैं और EPFO के सदस्य हैं, तो कुछ शर्तों के तहत अपने EPF खाते से घर खरीदने या घर बनाने के लिए पैसा निकालने की सुविधा मिल सकती है. EPF Scheme में dwelling house/flat खरीदने और घर बनाने के लिए withdrawal के प्रावधान दिए गए हैं. कुछ मामलों में भुगतान सीधे एजेंसी या प्रमोटर को भी किया जा सकता है.
6. महिला के नाम पर घर लेने पर Stamp Duty में राहत
यह केंद्र सरकार की एक समान योजना नहीं है. कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर Stamp Duty में रियायत दी जाती है. इसलिए अगर परिवार में घर खरीदने की योजना है तो यह भी देखना चाहिए कि आपके राज्य में महिला खरीदार के लिए Stamp Duty की दर कम है या नहीं. इससे घर की रजिस्ट्री के समय लगने वाला खर्च कम हो सकता है.
7. राज्य सरकार की अपनी Housing Schemes भी होती हैं
केंद्र की PMAY के अलावा अलग-अलग राज्य सरकारें भी कम आय वाले परिवारों, EWS/LIG वर्ग, सरकारी कर्मचारियों या कुछ विशेष समूहों के लिए आवास योजनाएं चलाती हैं. इनमें कहीं घर बनाने के लिए सहायता मिलती है, कहीं किफायती घर उपलब्ध कराए जाते हैं और कहीं जमीन या आवास परियोजनाओं में रियायत दी जाती है.
घर खरीदने वालों के लिए 7 बड़े फायदे एक नजर में
| योजना/लाभ | कितना फायदा | किसके लिए | पैसा कैसे मिलता है |
| PMAY-U 2.0 Interest Subsidy | ₹1.80 लाख तक | पात्र शहरी होम-लोन खरीदार | होम लोन पर ब्याज सब्सिडी |
| PMAY-G | ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित सहायता | पात्र ग्रामीण परिवार | घर बनाने में सहायता |
| Section 24(b) | ₹2 लाख तक deduction | पात्र होम-लोन धारक, पुरानी टैक्स व्यवस्था | टैक्स में deduction |
| Section 80C | ₹1.50 लाख तक की कुल deduction सीमा | पात्र करदाता | होम-लोन principal सहित eligible payments पर |
| EPF Housing Withdrawal | पात्रता/बैलेंस के अनुसार | EPFO सदस्य | अपने EPF से नियमों के अनुसार निकासी |
| महिला Stamp Duty राहत | राज्य के अनुसार | महिला के नाम/संयुक्त नाम पर खरीदार | रजिस्ट्री खर्च में कमी |
| राज्य Housing Schemes | राज्य के अनुसार | राज्य की पात्रता पूरी करने वाले लोग | घर/निर्माण/सब्सिडी आदि में सहायता |
