रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाए जाने के बाद 10 फीसदी उछले हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के शेयर

रकार की ओर से शनिवार को रक्षा सौदों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा में 49 फीसदी से 74 फीसदी तक बढ़ोतरी किये जाने के बाद सोमवार को रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में अधिकतम 10 फीसदी तक बढ़त दर्ज की गयी.

नयी दिल्ली : सरकार की ओर से शनिवार को रक्षा सौदों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा में 49 फीसदी से 74 फीसदी तक बढ़ोतरी किये जाने के बाद सोमवार को रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में अधिकतम 10 फीसदी तक बढ़त दर्ज की गयी. सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान 10 फीसदी तक की तेजी आयी. सरकार ने कहा है कि वह रक्षा विनिर्माण में एफडीआई के नियमों को आसान बनाकर ऑटोमेटिक रूट से 74 फीसदी एफडीआई की अनुमति देगी, जिसके बाद शेयरों में यह तेजी दर्ज की गयी.

Also Read: रक्षा उत्‍पाद में FDI सीमा 49 % से बढ़ाकर 74 % की गयी, देश में ही तैयार होगा सेना का हथियार

हालांकि, सोमवार को बाजार की स्थिति कमजोर होने के बावजूद बीएसई में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के शेयरों में 10 फीसदी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 5.53 फीसदी, बीईएमएल में 5.31 फीसदी, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स में 4.93 फीसदी और भारत डायनॉमिक्स में 4.71 फीसदी की तेजी दर्ज की गयी.

फिलहाल, एफडीआई नीति के अनुसार, रक्षा उद्योग में 100 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति है, जिसमें ऑटोमेटेड रूट से 49 फीसदी निवेश की इजाजत है, जबकि उससे अधिक निवेश के लिए सरकार की मंजूरी आवश्यक है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र के लिए ऑटोमेटेड रूट के तहत एफडीआई सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी की जाएगी.

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को प्रोत्साहन आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा की. पैकेज की इस किस्त में कोयला, रक्षा विनिर्माण, विमानन, अंतरिक्ष, बिजली वितरण आदि क्षेत्रों में नीतिगत सुधारों पर जोर दिया गया है. रक्षा उत्पादन क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कई उपायों की घोषणा की. उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने का ऐलान किया.

इसके साथ ही, वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ हथियारों और मंचों के आयात पर प्रतिबंध रहेगा. आयात के लिए प्रतिबंधित उत्पादों की खरीद सिर्फ देश के भीतर की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि अभी आयात हो रहे कुछ कलपुर्जों का घरेलू उत्पादन शुरू किया जाएगा. इससे रक्षा आयात खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए आयुध कारखाना बोर्ड को कंपनी बनाया जाएगा. बाद में इसे शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >