आधा भारत नहीं जानता SIP का 40x20x50 फॉर्मूला, जान जाएगा तो बन जाएगा 5 करोड़ों का मालिक

SIP: अगर आप अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं, तो 40x20x50 फॉर्मूला अपनाकर नियमित रूप से SIP में निवेश करें और इसे लंबे समय तक जारी रखें. इससे आप करोड़पति बन सकते हैं.

SIP: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) कई निवेशकों के सपनों को साकार करने का जरिया बन चुकी है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, एसआईपी लंबे समय में अच्छा रिटर्न प्रदान करता रहा है. इसका असली लाभ उठाने के लिए निवेशकों को इसे अधिक समय तक जा���ी रखना चाहिए.

देर आए, दुरुस्त आए: SIP में देरी पर पछतावा नहीं

अगर आपने अब तक एसआईपी की शुरुआत नहीं की है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. एक प्रसिद्ध कहावत है, “जब जागो, तभी सवेरा”, जिसका अर्थ है कि सही निवेश कभी भी देर से नहीं होता. अगर आपकी उम्र 40 के करीब है और आप अब एसआईपी शुरू करना चाहते हैं, तो भी आप अपने रिटायरमेंट तक एक अच्छा फंड बना सकते हैं.

40x20x50 फॉर्मूला: करोड़ों रुपये का फंड बनाने की रणनीति

एसआईपी के जरिए फंड बनाने के लिए 40x20x50 फॉर्मूला एक शानदार रणनीति हो सकती है. इस फॉर्मूले के अनुसार:

  • 40: एसआईपी शुरू करने की उम्र (40 वर्ष)
  • 20: निवेश की अवधि (20 वर्ष)
  • 50: हर महीने निवेश की जाने वाली राशि (50,000 रुपये)

अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में इस फॉर्मूले के तहत निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की उम्र तक इसे जारी रखता है, तो वह 5 करोड़ रुपये से अधिक का फंड तैयार कर सकता है.

12% औसत रिटर्न से 5 करोड़ रुपये का लक्ष्य संभव

अगर निवेशक को औसतन 12% वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में 5 करोड़ रुपये का फंड आसानी से तैयार हो सकता है. अगर अनुमानित रिटर्न बढ़कर 14% हो जाए, तो यह फंड बढ़कर 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

एसआईपी(SIP) से निवेश क्यों फायदेमंद?

  • रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging): बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद एसआईपी लंबी अवधि में लागत को संतुलित करने में मदद करता है.
  • कंपाउंडिंग का लाभ: समय के साथ निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी ब्याज कमाता है, जिससे आपकी संपत्ति तेजी से बढ़ती है.
  • डिसिप्लिन इन्वेस्टमेंट: एसआईपी निवेशकों को अनुशासित तरीके से नियमित निवेश जारी रखने में मदद करता है.
  • रिस्क को कम करता है: नियमित निवेश से बाजार के उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है.

म्यूचुअल फंड एसआईपी(SIP) लंबी अवधि के लिए पैसा बचाने सेविंग करने का एक कारगर तरीका है. यदि आपने अभी तक एसआईपी शुरू नहीं किया है, तो 40x20x50 फॉर्मूला अपनाकर अपने रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार कर सकते हैं. समय पर लिया गया सही फैसला आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बना सकता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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