GST Council Big Decision : दिवाली और दशहरा में खूब करें खरीदारी, ये सामान हो गए सस्ते
GST Council Big Decision : अभी तक केवल 1,000 रुपये तक की कीमत वाले जूते-चप्पल और परिधान पर ही 5% जीएसटी लागू होता था, जबकि 1,000 रुपये से अधिक कीमत वाले उत्पादों पर 12% जीएसटी वसूला जाता था. जानें अब जीएसटी परिषद की ओर से क्या फैसला लिया गया है.
GST Council Big Decision : जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम जनता को त्योहारों से पहले बड़ी राहत दी है. अब 2,500 रुपये तक की कीमत वाले फुटवियर और परिधान पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा. इसके अलावा, परिषद ने जीएसटी ढांचे को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब जीएसटी में केवल दो कर स्लैब होंगे 5% और 18%. इस निर्णय का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा क्योंकि कपड़े और जूते-चप्पल पहले की तुलना में और किफायती हो जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ेगी और बाजार में रौनक आएगी. एक नजर में जानें किस चीज पर किताना लगाया गया है टैक्स.
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.