Grain ATM In India: राजस्थान के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब आपको मुफ्त गेहूं या दाल लेने के लिए कोटेदार की दुकान पर घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश में ‘अन्नपूर्ति’ अनाज एटीएम मशीनें लगाने जा रही है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत जयपुर, बीकानेर और भरतपुर से होगी.
Grain ATM In India: क्या है ये अनाज ATM और कैसे करेगा काम?
यह बिल्कुल बैंक के ATM की तरह काम करने वाली एक ऑटोमेटिक मशीन है. जिस तरह आप कार्ड डालकर पैसे निकालते हैं, उसी तरह इस मशीन से राशन निकलेगा.
- यह मशीन 24 घंटे काम करेगी.
- इसमें बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली) स्कैन की सुविधा होगी.
- आपको बस अपना राशन कार्ड नंबर डालना है और अंगूठा लगाना है.
- सत्यापन होते ही मशीन के नीचे रखे आपके थैले में तय मात्रा में अनाज गिर जाएगा.
Grain ATM In India: सरकार ये मशीनें क्यों लगा रही है?
अक्सर राशन की दुकानों पर कम अनाज मिलने या लंबी लाइनों की शिकायतें आती हैं. इन मशीनों को लगाने के मुख्य उद्देश्य ये हैं:
- पारदर्शिता: जितना आपका हक है, मशीन उतना ही अनाज सटीक तौलकर देगी.
- समय की बचत: अब आपको राशन के लिए दुकान खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
- कहीं भी राशन: ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ के तहत आप किसी भी शहर की मशीन से अपना कोटा ले सकेंगे.
किन शहरों को सबसे पहले मिलेगा फायदा?
खाद्य सचिव अंबरीश कुमार के अनुसार, केंद्र सरकार ने राजस्थान में तीन जगहों पर इसे शुरू करने की अनुमति दी है:
- भरतपुर (पूर्वी राजस्थान)
- बीकानेर (पश्चिमी राजस्थान)
- जयपुर (मध्य राजस्थान)
भरतपुर में जगह का चयन हो चुका है और जल्द ही भारत सरकार की तारीख मिलते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा.
कितने लोगों को होगा इससे लाभ?
प्रदेश के करीब 4.35 करोड़ लोग इस योजना से जुड़े हैं. हाल ही में सरकार ने 73 लाख नए पात्र लोगों को भी इस लिस्ट में जोड़ा है. यह तकनीक संयुक्त राष्ट्र के ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ के तहत तैयार की गई है, जो पूरी तरह स्वदेशी है.
