भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार कई खास योजनाएं चला रही है. साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महिलाओं की हिस्सेदारी को सबसे अहम माना गया है. देश में महिलाओं की आबादी लगभग 50 फीसदी है, ऐसे में उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता.
शिक्षा, रोजगार, सेहत और सुरक्षा जैसे हर मोर्चे पर महिलाओं को आगे लाने के लिए सरकार ने कई बड़ी पहल की हैं. आइए जानते हैं भारत की प्रमुख महिला सशक्तिकरण योजनाओं के बारे में और यह कैसे आपके काम आ सकती हैं.
महिलाओं के लिए कौन-सी योजनाएं चल रही हैं?
सरकार की मुख्य योजनाओं को आप अपनी जरूरत और श्रेणी के हिसाब से समझ सकती हैं:
1. बचत और निवेश से जुड़ी योजनाएं
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत यह खाता बेटी के जन्म के बाद खोला जाता है. इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं. इस पर 8.2% सालाना ब्याज (टैक्स फ्री) मिलता है. यह पैसा बेटी की पढ़ाई और शादी के काम आता है.
- महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र (MSSC): पोस्ट ऑफिस की यह 2 साल की एफडी योजना है. इसमें महिलाएं 2 लाख रुपये तक जमा कर सकती हैं, जिस पर 7.5% की दर से ब्याज मिलता है.
2. रोजगार और बिजनेस के लिए आर्थिक मदद
- लखपति दीदी योजना: सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ी 2 करोड़ महिलाओं की आमदनी बढ़ाकर उन्हें सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमाने योग्य बनाना.
- ड्रोन दीदी योजना: SHG की 15,000 महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. इससे वे दवाइयां/राशन पहुंचाने और खेती की जमीन की मैपिंग जैसे काम करके कमाई कर सकेंगी.
- मुद्रा योजना (PMMY): छोटे बिजनेस के लिए बिना किसी गारंटी के 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है, जिसमें महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलती है.
- स्टैंडअप इंडिया मिशन: SC, ST और महिला उद्यमियों को नया बिजनेस शुरू करने के लिए 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिलता है, जो प्रोजेक्ट लागत का 75% तक कवर करता है.
- TREAD योजना: इसमें महिला उद्यमियों को बैंक लोन के साथ सरकार की ओर से 30% (अधिकतम 30 लाख रुपये) की सब्सिडी/मदद एनजीओ के जरिए मिलती है.
- महिला ई-हाट और STEP: 'महिला ई-हाट' एक ऑनलाइन बाजार है जहां महिलाएं अपने प्रोडक्ट बेच सकती हैं. वहीं 'STEP' योजना महिलाओं को हुनर सिखाकर रोजगार पाने में मदद करती है.
3. सेहत, घर और सुरक्षा की योजनाएं
| योजना का नाम | मुख्य फायदा |
| मिशन इंद्रधनुष | गर्भवती महिलाओं और बच्चों का पूरी तरह से मुफ्त टीकाकरण. |
| उज्जवला योजना | गरीब परिवारों (BPL) को मुफ्त गैस कनेक्शन और सब्सिडी पर सिलेंडर. |
| प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) | पक्के मकान का मालिकाना हक घर की महिला के नाम पर. |
| महिला शक्ति केंद्र (MSK) | ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास में मदद. |
| महिला हेल्पलाइन (181) | हिंसा या परेशानी से पीड़ित महिलाओं के लिए 24x7 टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर. |
इन सरकारी योजनाओं की जरूरत क्यों पड़ी?
महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि देश की जरूरत है:
- अर्थव्यवस्था को मजबूती: जब महिलाएं काम करेंगी, तो देश की जीडीपी में तेजी से बढ़ोतरी होगी.
- गरीबी से मुक्ति: घर में एक से ज्यादा कमाने वाले सदस्य होने से परिवार गरीबी से बाहर निकलता है.
- बेहतर समाज और सेहत: एक पढ़ी-लिखी और जागरूक महिला पूरे परिवार के खान-पान और सेहत का ध्यान बेहतर तरीके से रख सकती है.
इन योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं?
अगर आप या आपके परिवार की कोई महिला इनमें से किसी योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो अपने नजदीकी बैंक, डाकघर या आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकती हैं. सही समय पर ली गई जानकारी और इन योजनाओं का इस्तेमाल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
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