ATF Aviation Fuel Subsidy : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और कूटनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Industry) को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार (3 जून, 2026) को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में सरकारी तेल कंपनियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त (One-time) बजटीय सहायता को मंजूरी दे दी गई है.
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बावजूद देश में विमान ईंधन यानी एटीएफ (Aviation Turbine Fuel – ATF) के दामों में स्थिरता बनाए रखना है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी न हो.
संकट के समय एयरलाइंस को मिलेगा ‘सुरक्षा कवच’
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह कदम मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बेहद जरूरी था. भारतीय एयरलाइन कंपनियों को इस समय दो मोर्चों पर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
अमेरिका-ईरान और इजरायल-लेबनान तनाव के चलते कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे एटीएफ की लागत बढ़ रही थी. पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिए जाने के कारण भारतीय विमानों को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है. रूट लंबा होने से विमानों में ईंधन की खपत काफी बढ़ गई है, जिससे एयरलाइंस पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था.
तेल कंपनियों को मिलेगा ब्याज मुक्त फंड
मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, एटीएफ की कीमतों को स्थिर रखने के लिए पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों – OMCs) को दी जाने वाली ₹10,000 करोड़ रुपये की यह पूरी सहायता पूरी तरह से ब्याज मुक्त (Interest-Free) होगी. इस फंड की मदद से तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव के बावजूद एटीएफ के दाम नहीं बढ़ाएंगी, जिसका सीधा फायदा इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा जैसी भारतीय एयरलाइंस को मिलेगा.
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