55 लाख की जगह 76 लाख सिलेंडर हो रहे बुक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा घबराएं नहीं, सप्लाई जारी है

LPG Crisis: सरकार ने साफ कहा है कि देश में गैस की उतनी कमी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है, बल्कि डर की वजह से बुकिंग अचानक बढ़ गई है.

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत में ऊर्जा संकट और गैस की किल्लत की खबरों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और ‘पैनिक बाइंग’ (डर में आकर ज्यादा सामान खरीदना) के बीच केंद्र सरकार ने मोर्चा संभाला है. शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशवासियों को वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और शांति बनाए रखने की अपील की.

अफवाहों से बचें, पैनिक बाइंग न करें

सरकार ने साफ कहा है कि देश में गैस की उतनी कमी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है, बल्कि डर की वजह से बुकिंग अचानक बढ़ गई है. आम दिनों में हर दिन लगभग 50-55 लाख सिलेंडर बुक होते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 75-76 लाख तक पहुँच गया है. सरकार ने लोगों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा न करें.

कालाबाजारी और जमाखोरी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

गैस की किल्लत का फायदा उठाने वाले बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सभी राज्यों के साथ मीटिंग की है. जिला प्रशासन (DM और SP) को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें. उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध रूप से छिपाए गए सिलेंडर बरामद किए हैं. हापुड़ में तो एक डिस्ट्रीब्यूटर का गोदाम तक सील कर दिया गया है.

मदद के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम

लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए सरकार ने सिस्टम को और मजबूत किया है. ऑयल कंपनियों के कॉल सेंटर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 400 कर दी गई है और टेलीफोन लाइनें भी 50 कर दी गई हैं. महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में विशेष कंट्रोल रूम खोले गए हैं. बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में अधिकारी रोज प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं ताकि जनता तक सही जानकारी पहुंचे.

राज्यों में क्या है हाल ?

प्रदेश: झांसी में सिलेंडरों से भरा एक चोरी हुआ ट्रक पुलिस ने बरामद कर लिया है. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. बिहार के दरभंगा जैसी जगहों से गैस के लिए लंबी कतारों की खबरें आई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने वहां पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए हैं ताकि वितरण सही से हो सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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