सोने की गिरती कीमत और तरह -तरह की आशंकाए, क्या फिर गोल्ड में आएगी तेजी? पढ़े

सोने की कीमत लगातार गिरती नजर आ रहीं है, क्या जो रफ्तार भाव के बढ़ते हुए दिख रहें थे. वह बिल्कुल क्या थम गयां ? क्या अब वो रैली नहीं दिखेगी? और क्या अब सोना के दिन लद गए? ऐसे तमाम सवाल निवेशकों के मन मे अभी घूम रहें है.

शिवपूजन सिंह 

लेकिन, अगर इसके उलट देखे तों सोने की कीमत लंबे समय मे हमेशा बढ़ती रहीं है यानी आज भी इसकी कीमत है और कल भी थी और आने वाले वक्त में भी रहेगी इससे इंकार नहीं किया जा सकता.

समय के साथ सोने की कीमत 

आप इसे ऐसे भी समझ सकते है साल 2001 मे 10 ग्राम सोने के भाव 4500 रूपये थी . वही दस साल बाद 2011 में यह 29000 रुपये पहुंच गया था. 2021 मे इसकी कीमत 10 ग्राम की 48000 हजार रुपये और इसके बाद तों एक लाख के पार अगले पांच साल मे ही पार कर गया था. दरअसल, पिछले पांच सालों जबरदस्त तेजी देखने को मिली. अभी सोना मौजूदा वक्त मे 1 लाख 40 हजार रुपये पर ट्रेड कर रहा है. सोने की सबसे ऊंची कीमत 1 लाख 69 हजार तक चला गया था.

हकीकत की जमीन पर उतरे तों सोना एक दुर्लभ धातू है, जिसकी कीमत लगतार बढ़ते ही रहती है. यह एक  सुरक्षित निवेश माना जाता है. जंग, आपदा, भूकंप और ट्रेड वार के विपरीत वक्त मे सोने के भाव तेजी से बढ़ते है. दरअसल, इसी का नतीजा रहा कि पिछले पांच साल मे सोने का भाव दुगना हो गया. क्योंकि इस दरमियान, करोना महामारी, रूस -उक्रेन, ईरान -इजराइल और अमेरिका के युद्ध, ट्रेड वार, आर्थिक मंदी के डर का सामना दुनिया ने किया.

भविष्य में सोने के मूल्य बढ़ेंगे 

अभी सोना 10 ग्राम खरीदने के लिए 1 लाख 40 हजार रूपये खर्च करने पड़ेगे यानी आज भी इसकी कीमत गिरावट के बाद भी काफी ज्यादा है. अब सवाल है कि आगे क्या होगा? क्या फिर राकेट की रफ्तार से सोना भागेगा? इस प्रश्न का जवाब यह है कि यह चार ग्लोबल माइक्रोइकोनॉमिक चीजों पर निर्भर करेंगी.

  1. ब्याज दरे- सोना और ब्याज दारों मे उल्टा संबंध होता है. जब तक केंद्रीय बैंक ब्याज दर ऊंची रखते है सोने पर दबाव होता है और इसकी कीमत घटती है. लेकिन जैसे ही ब्याज दर कम होती है इसके भाव बढ़ जाते है.
  2. अमेरिकी डॉलर- इंटरनेशनल मार्केट मे सोने की ट्रेडिंग अमेरिकी डॉलर मे होती है. अगर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है तों सोने मे तेजी देखी जाती है. 
  3. सेंट्रल बैंकों की खरीदारी- दुनिया के तमाम केंद्रीय बैंक जब सोने की खरीदारी करते है. जैसे अभी हाल मैं आरबीआई ने सोना खरीदा था. ऐसी सूरत मैं सोना निखरता है यानि इसके मूल्य बढ़ते है.
  4. ग्लोबल डिमांड- अगर दुनिया में आर्थिक मंदी का डर सताता है. या फिर महामारी, युद्ध, ट्रेड वार जैसे हालात पैदा होते है. तब सुरक्षित निवेश के लिए लोग सोना खरीदते है. जिससे इसकी कीमत मैं इजाफा होता है.

आम निवेशकों के लिए सलाह 

सोना में निवेश हमेशा अच्छा और सुरक्षित माना जाता है. इसे सेफ इन्वेस्टमेंट बोला जाता रहा है क्योंकि लंबे समय में यह बेहतरीन रिटर्न्स देता है. अपने निवेश प्रोटफोलियों मैं 10 से 15% प्रतिशत लोग सोने में निवेश करते ताकि मजबूती बनी रहें.

अभी सोने के भाव कमजोर है, लिहाजा खरीदारी का भी उचित और मुफिद वक्त है. ऐसे में अगर किसी ने लंबे नजरिये से सोना अभी खरीदते है तों उनके लिए ये माकूल समय है. सच्चाई यही है कि शार्ट टर्म निवेश के उतार -चढ़ाव से बचना चाहिए क्योंकि इससे नुकसान देखा गया है. इसलिए लंबे वक्त के लिए निवेश सोना में हमेशा मुनाफे का सौदा रहता है.

2 लाख के पार जाएगा सोना 

अभी सोने की 10 ग्राम की कीमत 1 लाख 40 हजार के आसपास चल रहीं है. प्रश्न निवेशकों के मन में बार -बार उठता है कि क्या 2 लाख के पार सोना जा सकता है तों इसका जवाब सीधा और सरल यही है कि लम्बी अवधी के लिए निवेश किया जाए तों 2 लाख के पार की कीमत भी सोना में देखने कों मिलेगी, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता. 


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >