Gold Loans : भारत के रिटेल लोन बाजार को लेकर एक बेहद दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है. क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी CRIF हाई मार्क की ताजा रिपोर्ट ‘हाउ इंडिया लेंड्स’ के मुताबिक, भारत में लोग अब बिना गारंटी वाले लोन (जैसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड) के बजाय सोने के बदले लोन यानी गोल्ड लोन (Gold Loan) लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के आंकड़ों के अनुसार, देश में गोल्ड लोन का बाजार सालाना आधार पर 50.4% की भारी-भरकम रफ्तार से बढ़कर 18.6 lakh crore रुपये पर पहुंच गया है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि भारतीय बाजार में यह बड़ा बदलाव क्यों आ रहा है.
होम लोन के बाद ‘गोल्ड लोन’ बना लोगों की दूसरी पसंद
एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड मोहित जैन के मुताबिक, गोल्ड लोन का बाजार अब इतना बड़ा हो चुका है कि यह होम लोन (घर के लिए कर्ज) के बाद रिटेल लेंडिंग में दूसरा सबसे बड़ा लोन प्रोडक्ट बन गया है. अब लोग सिर्फ छोटी-मोटी जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े कामों और बिजनेस (कमाई करने वाले कामों) के लिए भी सोने के बदले बड़ा लोन ले रहे हैं.
गोल्ड लोन में इतनी तेजी क्यों आई ?
सोने की ऊंची कीमतें: इंटरनेशनल और घरेलू बाजार में सोने के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं. सोना महंगा होने से बैंक और फाइनेंस कंपनियां ग्राहकों को उसी सोने पर अब पहले से कहीं ज्यादा लोन (लार्जर टिकट साइज) दे रही हैं. बैंक अब जोखिम वाले (बिना गारंटी वाले) कर्ज देने से बच रहे हैं और सुरक्षित लोन को बढ़ावा दे रहे हैं.
रिटेल लोन मार्केट का पूरा हाल
मार्च 2026 तक भारत में कुल रिटेल लोन का आंकड़ा 170.2 lakh crore रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16.6% ज्यादा है. बाजार में किस लोन की कैसी स्थिति रही, इसे आप नीचे दी गई तालिका से समझ सकते हैं.
| लोन का प्रकार | कुल मार्केट साइज (रुपये में) | सालाना बढ़त (YoY Growth) | बाजार का मिजाज |
| होम लोन | 44.4 lakh crore | 9.4% | स्थिर और मजबूत |
| गोल्ड लोन | 18.6 lakh crore | 50.4% | सबसे तेज दौड़ता हुआ |
| कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन | — | 20.8% | टीवी, फ्रिज आदि के लिए मजबूत मांग |
| पर्सनल लोन | — | 12.9% | रफ्तार थोड़ी धीमी हुई |
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