Gold Holding Limit in India: भारत में अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है. हालांकि, कई लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि घर में कितना सोना रखना सुरक्षित है. नियम स्पष्ट हैं, आप जितना चाहें उतना सोना रख सकते हैं, बस उसकी कमाई का स्रोत (Source of Income) स्पष्ट होना चाहिए.
IT विभाग की ‘सेफ लिमिट’ (जब्ती से सुरक्षा)
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के निर्देशों के अनुसार, आयकर छापेमारी (Search & Seizure) के दौरान एक निश्चित मात्रा तक के सोने के आभूषणों को जब्त नहीं किया जाएगा, भले ही आपके पास उनके बिल न हों.
- विवाहित महिला: 500 ग्राम तक.
- अविवाहित महिला: 250 ग्राम तक.
- पुरुष सदस्य: 100 ग्राम तक.
ध्यान दें: यह सीमा केवल ‘जब्ती’ से बचने के लिए है, यह ‘मालिकाना हक’ की सीमा नहीं है, यदि आपके पास वैध बिल हैं, तो आप इससे कहीं अधिक सोना रख सकते हैं.
प्रकटीकरण (Disclosure) के नए नियम (FY 2025-26)
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रकटीकरण के नियमों को सख्त किया है:
- ₹1 करोड़ से अधिक आय: यदि आपकी वार्षिक आय ₹1 करोड़ से अधिक है, तो आपको अपने आयकर रिटर्न (ITR) के Schedule AL (Assets and Liabilities) में सोने और अन्य संपत्तियों का विवरण देना अनिवार्य है.
- दस्तावेजों का महत्व: विरासत में मिला सोना, शादी के उपहार या पुराने निवेश, इन सभी के लिए वसीयत, उपहार विलेख (Gift Deed) या पुराने इनवॉइस संभाल कर रखें.
टैक्स और पेनाल्टी का गणित
- कैपिटल गेन्स: यदि आप अपना सोना बेचते हैं, तो उस पर होने वाले लाभ पर पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) देय होगा.
- अघोषित संपत्ति: यदि छापेमारी के दौरान सीमा से अधिक सोना मिलता है और आप उसका स्रोत नहीं बता पाते, तो इसे ‘अघोषित आय’ माना जा सकता है जिस पर भारी जुर्माना लग सकता है.
