कोविड-19 महामारी के बीच कोरोना वॉरियर्स के लिए आपातकालीन सेवा देने को तैयार GoAir

गो एयर ने शुक्रवार को कहा कि उसने सरकार को आपात सेवाओं और नागरिकों को वापस लाने के लिए अपने विमानों, चालक दल एवं हवाई अड्डा कर्मचारियों की सेवा उपलब्ध कराने की पेशकश की है.

नयी दिल्ली : गो एयर ने शुक्रवार को कहा कि उसने सरकार को आपात सेवाओं और नागरिकों को वापस लाने के लिए अपने विमानों, चालक दल एवं हवाई अड्डा कर्मचारियों की सेवा उपलब्ध कराने की पेशकश की है. दो दिन पहले सस्ती उड़ान सेवा वाली अन्य कंपनी इंडिगो ने भी ऐसी ही पेशकश की थी. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार वैसे तो अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू यात्री उड़ानों पर पाबंदी है, लेकिन सभी मालवाहक उड़ान पहले की तरह परिचालित हो सकती हैं. भारत ने 24 मार्च की आधी रात से सभी घरेलू यात्री उड़ानों एवं 23 मार्च को रात डेढ़ बजे से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का निलंबित कर दिया था.

कंपनी ने एक बयान में कहा कि गो एयर ने नागर विमान मंत्रालय एवं डीजीसीए से संपर्क कर देश में संपूर्ण लॉकडान के मद्देनजर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने की पेशकश की है. बयान में कहा गया है कि वाडिया ग्रुप नियंत्रित सस्ती उड़ान सेवा प्रदाता कंपनी ने आपात सेवाओं और नागरिकों को वापस लाने के लिए अपने विमानों, चालक दल एवं हवाई अड्डा कर्मचारियों की सेवा उपलब्ध कराने की पेशकश की है.

केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय को सौंपे गये पत्र में दवाइयां, खाद्यान्न की ढुलाई तथा डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं राहतकर्मियों को लाने-ले जाने में सहयोग की पेशकश की गयी है. गोएयर के अनुसार, उसने विदेशों में फंसे भारतीयों नागरिकों वापस लाने, भारत में अनिवासियों को अपने मूल देशों में पहुंचाने, भारतीय नागरिकों को विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच पहुंचाने की पेशकश की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >