विदेशी बैंकों से लेकर SBI तक, जानिए किन-किन के पास है अब सोना मंगाने का पावर

Gold Silver Import Rules: सोने-चांदी के इंपोर्ट को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 2026 से लागू होने वाले इन नए नियमों और ऑफिशियल बैंकों की पूरी जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है.

Gold Silver Import Rules: भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने सोने और चांदी के इंपोर्ट को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) द्वारा शुक्रवार को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, उन बैंकों की सूची को मॉडिफाई किया गया है जिन्हें विदेशों से सोना और चांदी मंगाने की परमिशन है. यह फैसला ‘फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023’ के तहत लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कीमती धातुओं के इंपोर्ट को ज्यादा ऑर्गनाइज्ड और ट्रांसपेरेंट बनाना है. 

कब से लागू होंगे ये नए नियम?

सरकार द्वारा जारी यह नई लिस्ट तुरंत प्रभावी नहीं होगी. यह रिवाइज्ड लिस्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2029 तक वैलिड रहेगी. यानी अगले तीन सालों के लिए सरकार ने इंपोर्ट का एक क्लियर स्ट्रक्चर तैयार कर दिया है. यह कदम बैंकिंग चैनलों के माध्यम से होने वाले बिजनेस को रेगुलेटेड करने के लिए उठाया गया है, ताकि बाजार में सोने-चांदी की सप्लाई सही तरीके से हो सके. 

किन 15 बैंकों को मिला ‘डबल’ अधिकार?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुल 15 बैंकों को यह अधिकार दिया है कि वे सोना और चांदी, दोनों का इंपोर्ट कर सकें. इस सूची में देश के बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंक शामिल हैं:

  • प्राइवेट सेक्टर: HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, फेडरल बैंक, यस बैंक, आरबीएल (RBL) बैंक और करूर वैश्य बैंक. 
  • सरकारी सेक्टर: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक.
  • विदेशी बैंक: इस सूची में दो विदेशी नाम भी शामिल हैं. जैसे- ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड. 

सिर्फ सोना मंगाने की अनुमति किसे है?

नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि सभी बैंक दोनों धातुओं का इंपोर्ट नहीं कर सकते. दो स्पेसिफिक बैंकों को केवल सोना (Gold) इंपोर्ट करने की अनुमति दी गई है. ये बैंक हैं:

  1. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  2. SBER बैंक 

इन दोनों बैंकों के पास चांदी इंपोर्ट करने का अधिकार नहीं होगा, वे केवल सोना इंपोर्ट की प्रक्रियाओं को ही संभाल पाएंगे. 

इस बदलाव का आम जनता पर क्या असर होगा?

सरकार के इस फैसले का सीधा संबंध देश के बिजनेस स्ट्रक्चर से है. DGFT, जो मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के तहत काम करता है, ने इसे ‘हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर 2023’ के अपेंडिक्स 4B (Appendix 4B) में शामिल किया है. जब इंपोर्ट एक रेगुलेटेड चैनल (नामित बैंकों) के जरिए होता है, तो बाजार में शुद्धता और कीमतों में स्थिरता बनी रहती है. यह कदम अवैध रूप से आने वाले सोने पर लगाम लगाने और बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है. 

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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