EPFO, ESIC और पेंशन में बदलाव की तैयारी, कर्मचारियों को मिल सकती है राहत

EPFO News: सरकार EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने, राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय करने और EPS पेंशन में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. प्रस्ताव लागू होने पर करोड़ों कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिल सकता है और श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है.

EPFO News: देश के करोड़ों कर्मचारियों और मजदूरों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने, राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय करने और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर फैसला लेने की तैयारी में है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा कि इन विषयों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और मजदूरों के हित में निर्णय लिया जाएगा.

मौजूदा नियम और बदलाव की मांग

फिलहाल EPFO के तहत वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है, जबकि ESIC के लिए यह सीमा ₹21,000 है. वहीं EPS योजना के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह मिलती है. लंबे समय से कर्मचारी संगठन और ट्रेड यूनियन इन सीमाओं को बढ़ाने और पेंशन में सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि ज्यादा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके और महंगाई के दौर में आर्थिक सहारा मिल पाए.

सरकार और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती

EPFO और ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. इसका कारण यह है कि ट्रेड यूनियन ज्यादा बढ़ोतरी चाहती हैं, जबकि उद्योग जगत लागत बढ़ने को लेकर चिंतित है. सरकार दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, जिससे कर्मचारियों और उद्योग दोनों को नुकसान न हो.

नए लेबर कोड और भविष्य की योजना

सरकार का मानना है कि नए लेबर कोड्स लागू होने से मजदूरों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी और उद्योग व कर्मचारियों के बीच तालमेल बेहतर होगा. Code on Wages, 2019 के तहत राष्ट्रीय फ्लोर वेज तय किया जाएगा, जो पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी का आधार बनेगा. वहीं Social Security Code, 2020 के जरिए पुराने श्रम कानूनों की जगह एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है.

अगर EPFO, ESIC और पेंशन से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो इससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है. ज्यादा लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा, पेंशन में बढ़ोतरी संभव होगी और मजदूरों की आर्थिक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है.

Also Read: 8वें वेतन आयोग से पहले सरकार का बड़ा बयान, पेंशन व्यवस्था जस की तस

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >