EPFO: अप्रैल 2025 में EPFO में 19.19% ज्यादा सदस्य फिर से जुड़े, बदली नौकरी के बाद फिर से शुरू किया योगदान

EPFO: अप्रैल 2025 में EPFO ने 19.14 लाख नए सदस्य जोड़े, मार्च से 31% ज्यादा. 18-25 उम्र वर्ग में 57% हिस्सेदारी. 15.77 लाख सदस्य फिर से जुड़े. महिला सदस्यों में 35% बढ़ोतरी. महाराष्ट्र सबसे आगे. यह डेटा रोजगार अवसरों और बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है.

EPFO: अप्रैल 2025 में EPFO से जुड़े 19.14 लाख नए सदस्य, मार्च के मुकाबले 31% की बढ़त कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अप्रैल 2025 में कुल 19.14 लाख नए सदस्यों को अपने साथ जोड़ा है. यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय के ताजा प्रोविजनल पेरोल डाटा में सामने आई है. यह आंकड़ा मार्च 2025 के मुकाबले 31.31 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जिससे साफ है कि संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और कर्मचारी लाभों को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है.

सालाना आधार पर देखें तो अप्रैल 2024 के मुकाबले यह वृद्धि 1.17 प्रतिशत रही है. मंत्रालय का कहना है कि EPFO की कारगर आउटरीच पहलों के चलते भी यह सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है.

नए सदस्यों में युवाओं का दबदबा, 18-25 आयु वर्ग सबसे आगे

अप्रैल 2025 में EPFO से जुड़े नए सदस्यों में 8.49 लाख लोग पहली बार जुड़े, जो मार्च 2025 के मुकाबले 12.49 प्रतिशत ज्यादा है. मंत्रालय ने कहा है कि यह बढ़ोतरी रोजगार के नए अवसरों, कर्मचारी लाभों के प्रति जागरूकता और EPFO के सफल कार्यक्रमों का नतीजा है. नए जुड़ने वाले सदस्यों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं की रही. इस आयु वर्ग में 4.89 लाख नए सदस्य जुड़े, जो कुल नए सदस्यों का 57.67 प्रतिशत हिस्सा है. मार्च 2025 की तुलना में इस आयु वर्ग में 10.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

इसी तरह, इस आयु वर्ग में कुल नेट पेरोल एडिशन अप्रैल 2025 में लगभग 7.58 लाख रहा, जो मार्च के मुकाबले 13.60 प्रतिशत ज्यादा है. मंत्रालय ने कहा, “यह ट्रेंड दिखाता है कि संगठित क्षेत्र में शामिल हो रहे ज्यादातर लोग युवा हैं और पहली बार नौकरी करने वाले हैं.”

दोबारा EPFO से जुड़ने वालों में भी इजाफा

अप्रैल 2025 में करीब 15.77 लाख सदस्य, जो पहले EPFO से बाहर हो गए थे, उन्होंने दोबारा EPFO में वापसी की. मार्च 2025 के मुकाबले यह संख्या 19.19 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि अप्रैल 2024 के मुकाबले 8.56 प्रतिशत की सालाना वृद्धि देखी गई. मंत्रालय के मुताबिक, “ये सदस्य नौकरी बदलने के बाद फिर से EPFO से जुड़े और अपने पुराने फंड को फाइनल सेटलमेंट कराने के बजाय ट्रांसफर करने का विकल्प चुना, जिससे उनकी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा बनी रही.”

महिला कर्मचारियों की भागीदारी में जबरदस्त इजाफा

महिलाओं की भागीदारी के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है. अप्रैल 2025 में करीब 2.45 लाख नई महिला सदस्य EPFO से जुड़ीं, जो मार्च 2025 के मुकाबले 17.63 प्रतिशत ज्यादा है.
इसके अलावा, महिलाओं के नेट पेरोल एडिशन की बात करें तो अप्रैल में यह आंकड़ा लगभग 3.95 लाख रहा, जो पिछले महीने के मुकाबले 35.24 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि को दर्शाता है. यह बदलाव कार्यस्थलों में अधिक समावेशी और विविधता पूर्ण माहौल की ओर बढ़ते रुझान को भी दिखाता है.

टॉप 5 राज्य जहां सबसे ज्यादा

राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो टॉप 5 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों ने कुल नेट पेरोल एडिशन का करीब 60.10 प्रतिशत योगदान दिया है. अप्रैल में इन राज्यों में कुल 11.50 लाख नए नेट पेरोल जुड़े. इनमें महाराष्ट्र सबसे आगे रहा, जहां 21.12 प्रतिशत का सबसे बड़ा नेट पेरोल एडिशन हुआ.महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना .ये राज्य/यूटी ऐसे रहे जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी 5 प्रतिशत से ज्यादा योगदान दिया.

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By Abhishek pandey

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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