अगर आप भी हैं EPFO मेंबर, तो 6 लाख रुपये के बीमा के हैं हकदार, जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

EPFO Insurance latest news, 7th Pay commission news अगर आप भी ईपीएफओ मेंबर है तो आपके लिए खुशखबरी है. शायद आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों को बिल्कुल मुफ्त में 6 लाख रुपए का बीमा देती है. तो आइये जानते हैं कैसे मिलता है यह बीमा, कौन है इसके दावेदार और आपको मिला है या नहीं इसका लाभ?

EPFO Insurance latest news, 7th Pay commission news अगर आप भी ईपीएफओ मेंबर है तो आपके लिए खुशखबरी है. शायद आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों को बिल्कुल मुफ्त में 6 लाख रुपए का बीमा देती है. तो आइये जानते हैं कैसे मिलता है यह बीमा, कौन है इसके दावेदार और आपको मिला है या नहीं इसका लाभ?

कोरोना और लॉकडाउन के बीच ये खबर आपको खुश कर सकती है. विपरित परिस्थितियों में परिवार के काम आने वाले बीमा के हकदार आप भी हो सकते हैं. दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों और कर्मचारियों को विभिन्न सुविधाएं देता रहा है. ऐसे में इस बीमा का लाभ परिवार को बीमारी, स्वाभाविक या दुर्घटना से हुई मृत्यु पर ही मिलता है.

हालांकि, इस बीमा का फायदा सबको नहीं हो सकता है. जिसने अपने मृत्यु से 12 महीने पहले एक से अधिक संस्थान में कार्य किया हो उसी के परिवार इससे संबंधित क्लेम कर सकते हैं. आपको बता दें कि ईपीएफओ संगठन, इस बीमा को इंश्योरेंस स्कीम 1976 इंप्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के​तहत लाभ देता है. यह राशि सदस्यों के वेज का 20 गुना होता है अर्थात 6 लाख रुपए.

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कैसे हो बीमा का भुगतान

सबसे पहले ये जान लें कि इसमें आपको कोई रकम अलग से जमा करने की जरूरत नहीं होती है. आप जिस संस्थान में कार्य कर रहे है, वहीं से प्रति माह आपके बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी ईपीएफ में जाता है. इधर, नियोक्ता भी इसी तरह से 12 फीसद कुछ और योगदान के साथ कटवाता है. यही नहीं, इसमें 8.33 प्रतिशत पेंशन फंड और बची रकम ईपीएफ में चली जाती है. अत: कर्मचारी को अलग से कोई प्रीमियम जमा करने की जरूरत नहीं होती है.

प्रतिमाह कटने वाली राशि कितनी होती है

बीमे की प्रीमियम का अमाउंट कर्मचारी के सैलरी से ही कट जाता है. यह बेसिक सैलरी और भत्ते का 0.50 प्रतिशत होता है.

दावा करने के लिए क्या करें

मृतक के परिवार ही इस बीमा के राशि के हकदार हो सकते हैं. इसके लिए मृतक कर्मचारी ईपीएफओ का सदस्य होना चाहिए अर्थात जिस कंपनी में वह कार्य किया हो वहां उसका ईपीएफओ सेवा होना चाहिए. परिवार से दावा करने वाला व्यक्ति कम से कम 18 वर्ष का होना चाहिए. क्लेम के दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, माइनर नॉमिनी, अभिभावक सर्टिफिकेट और बैंक अकाउंट आदि जानकारी या कागजात जमा करने पड़ते है. जिसे नियोक्ता अथवा किसी गजेटेड अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाता है.

Posted By: Sumit Kumar Verma

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Published by: Prabhat Khabar

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