EPFO 3.0: अगर आपको अपने ही पीएफ (Provident Fund) का पैसा निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार करना पड़ता था, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. सरकार ‘EPFO 3.0’ नाम का एक बड़ा डिजिटल बदलाव ला रही है. श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) के मुताबिक, अब आप बिना किसी कंपनी या एम्प्लॉयर की मंजूरी के, सीधे UPI के जरिए एटीएम से अपना पीएफ निकाल सकेंगे. इस नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द ही फेज मैनर (चरणबद्ध तरीके से) लागू किया जा सकता है.
क्या है EPFO 3.0 और यह कैसे काम करेगा?
EPFO 3.0 देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक आधुनिक डिजिटल पहल है. इसका मकसद पीएफ ट्रांसफर और विड्रॉल में होने वाली देरी को खत्म करना है. अब तक का नियम यह है कि पीएफ निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करने के बाद केवाईसी (KYC) और कंपनी की मंजूरी की जरूरत होती है. इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 7 से 10 दिन लग जाते हैं, और 1 लाख रुपये से ज्यादा की रकम होने पर मैन्युअल वेरिफिकेशन भी होता है.
नया तरीका ऐसे काम करेगा:
- उमंग (UMANG) ऐप: सबसे पहले आपको उमंग ऐप पर अपना एलिजिबल बैलेंस चेक करना होगा.
- QR कोड जनरेशन: ऐप के जरिए एक क्यूआर कोड जेनरेट होगा.
- तुरंत ट्रांसफर: इस क्यूआर कोड की मदद से आप UPI-सक्षम एटीएम से या सीधे अपने बैंक अकाउंट में पल भर में पैसा ट्रांसफर कर पाएंगे.
नए नियम से आम कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
इस नए सिस्टम से कागजी कार्रवाई पूरी तरह खत्म हो जाएगी. सबसे बड़ी बात यह है कि 5 लाख रुपये तक की निकासी (Withdrawal) बिना किसी एम्प्लॉयर के अप्रूवल के सीधे आपके खाते में आ जाएगी. डॉक्युमेंट्स मिसमैच होने के कारण जो क्लेम बार-बार रिजेक्ट होते थे, उस झंझट से भी मुक्ति मिल जाएगी. फिलहाल ईपीएफओ करीब 28 लाख करोड़ रुपये का फंड मैनेज करता है, जिससे देश के करोड़ों कामकाजी लोग जुड़े हैं.
क्या एटीएम से पैसा निकालने पर पेंशन घट जाएगी?
कर्मचारियों के मन में यह बड़ा डर था कि बार-बार पैसा निकालने से पेंशन पर असर पड़ेगा. लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि इस सुविधा का आपकी पेंशन (EPS) पर कोई असर नहीं होगा.
श्रम मंत्रालय की सफाई: यह एटीएम विड्रॉल सुविधा सिर्फ आपके ईपीएफ (EPF) बैलेंस पर लागू होगी, जिसमें कर्मचारी और एम्प्लॉयर का योगदान शामिल होता है. आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% हिस्सा ही इस तरीके से निकाल सकते हैं.
आपकी पेंशन का पैसा (EPS Account) सुरक्षित रहेगा. नियम के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 साल की नौकरी (EPS मेंबरशिप) जरूरी है. अगर कोई कर्मचारी 10 साल से पहले नौकरी छोड़ता है, तो वह पेंशन का पैसा निकाल सकता है. लेकिन अगर आप बीच में पीएफ का पैसा निकालते भी हैं, तो आपका सर्विस रिकॉर्ड रीसेट (शून्य) नहीं होगा. 10 साल पूरे होते ही आप पेंशन के हकदार बने रहेंगे.
यह नया UPI सिस्टम कब से शुरू होने जा रहा है?
श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि यूपीआई पेमेंट गेटवे के जरिए पीएफ निकालने के सिस्टम का सफल ट्रायल हो चुका है. हालांकि सरकार ने अभी कोई फिक्स लॉन्चिंग डेट नहीं बताई है, लेकिन इसे बहुत जल्द शुरू करने की तैयारी है.
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब देश में औपचारिक वर्कफोर्स (Formal Workforce) तेजी से बढ़ रहा है. साल 2024-25 में ही 1.29 करोड़ से ज्यादा नए कर्मचारी पेरोल से जुड़े हैं. ऐसे में यह तकनीक करोड़ों कर्मचारियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी.
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