Energy Crisis: सरकार ने देश को भरोसा दिलाया है कि सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का इन्वेंट्री स्तर पूरी तरह सुरक्षित है. पिछले दो दिनों में लगभग 1.4 करोड़ एलपीजी बुकिंग हुई हैं, जिनमें से 92 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी भी की जा चुकी है. खास बात यह है कि लगभग 95% बुकिंग डिजिटल माध्यमों से की गई है, जो सिस्टम की पारदर्शिता को दर्शाता है.
पेट्रोल-डीजल की स्थिति और सरकारी कदम
- सप्लाई चैन को स्थिर रखने के लिए सरकार ने कई कड़े और प्रभावी कदम उठाए हैं:
- टैक्स में कटौती: पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती की गई है ताकि कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके.
- निर्यात पर लगाम: स्थानीय बाजार में डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘निर्यात कर’ (Export Tax) लगाया गया है.
- बिक्री पर अपील: सरकार ने नागरिकों से केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदने और शांत रहने का अनुरोध किया है, क्योंकि कुछ केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ (Panic Buying) देखी गई है.
कॉमर्शियल LPG और PNG नेटवर्क का विस्तार
घरेलू रसोई गैस पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक माध्यमों पर जोर दिया है.
कोटा में बढ़ोतरी: कॉमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता में 70% का इजाफा किया गया है. इसमें ढाबों, रेस्टोरेंट्स, इंडस्ट्रियल कैंटीन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है.
5 किलो के सिलेंडर: पिछले एक हफ्ते में लगभग 2,60,000 फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर (5 किलो वाले) बेचे गए हैं.
PNG विस्तार: रक्षा मंत्रालय सहित कई केंद्रीय मंत्रालयों ने आवासीय क्षेत्रों और यूनिट लाइनों में पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार के आदेश दिए हैं. 24 मार्च को इसके लिए ‘राजपत्र अधिसूचना’ (Gazette Notification) भी जारी की गई है.
केरोसिन आवंटन और जमाखोरी पर नकेल
उन राज्यों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं जिन्होंने पहले खुद को ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित कर दिया था.
अतिरिक्त आवंटन: सरकार ने तिमाही वितरण के लिए 48,000 अतिरिक्त केरोसिन यूनिट आवंटित की हैं.
कड़ी कार्रवाई: कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब तक 2,500 से अधिक छापेमारी की गई है, जिसमें 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
निगरानी: तेल कंपनियों ने 500 ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए हैं. महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे 16 राज्य नियमित रूप से प्रेस अपडेट जारी कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
जनता के लिए संदेश: संयम और सहयोग
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंत में दोहराया कि सरकार हर स्तर पर काम कर रही है ताकि आपूर्ति बाधित न हो. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों के आधार पर स्टॉक जमा न करें. किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास ‘ड्राई आउट’ (स्टॉक खत्म होने) की स्थिति नहीं है और देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह से नियंत्रण में है.
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