PF खाताधारकों के लिए अच्छी खबर, विड्राल प्लान में EPFO ने दी बड़ी सहूलियत

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PF खाताधारकों के लिए अच्छी खबर, विड्राल प्लान में EPFO ने दी बड़ी सहूलियत
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**EDS: IMAGE VIA NDRF** Morbi: National Disaster Response Force personnel during a rescue operation after the collapse of a suspension bridge over the Machchhu river, in Morbi district, Monday, Oct. 31, 2022. (PTI Photo)(PTI10_31_2022_000265A)

लेबर मिनिस्ट्री के एक बयान के मुताबिक केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में रिटायरमेंट फंड बॉडी के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने अपनी 232 वीं बैठक में सरकार को ईपीएस -95 योजना में कुछ संशोधन करने की सिफारिश की.

Employees’ Pension Scheme 1995 (EPS-95) के सबस्क्राइबर के लिए खुशखबरी है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उन ग्राहकों को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) में जमा रकम निकालने की इजाजत देने का फैसला किया, जिनकी केवल छह महीने से कम की सर्विस बची है.

मौजूदा नियमों के मुताबिक, ईपीएफओ अंशधारक जिनकी छह महीने से कम की सेवा बची है, उन्हें केवल अपने कर्मचारियों के PF खाते में जमा रकम निकालने की इजाजत है.

लेबर मिनिस्ट्री के एक बयान के मुताबिक केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में रिटायरमेंट फंड बॉडी के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने अपनी 232 वीं बैठक में सरकार को ईपीएस -95 योजना में कुछ संशोधन करने की सिफारिश की. सीबीटी ने सरकार से उन सदस्यों को ईपीएस खाते से विड्राल बेनिफिट देने की सिफारिश की, जिनके पास छह महीने से कम सेवा है.

इसमें कहा गया है कि बोर्ड ने उन सदस्यों के लिए आनुपातिक पेंशन लाभ देने की भी सिफारिश की है जो इस योजना में 34 से अधिक साल से हैं. यह पेंशनभोगियों को रिटायरमेंट लाभ के निर्धारण के समय ऊंची पेंशन लेने में मदद करेगा.

बयान के अनुसार, बोर्ड ने छूट देने या EPS-95 से छूट को रद्द करने के मामलों में equitable transfer value calculation को सक्षम करने की सिफारिश की है. इसके अलावा एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) इकाइयों में इसके निवेश के लिए एक Redemption policy को भी मंजूरी दी गई है.

इसके साथ ही बोर्ड ने वर्ष 2022-23 के लिए ब्याज दर की गणना के लिए आय में शामिल किए जाने वाले पूंजीगत लाभ की बुकिंग के लिए कैलेंडर वर्ष 2018 की अवधि के दौरान खरीदी गई ईटीएफ इकाइयों के रीडेंपशन को भी मंजूरी दी. 2021-22 की ईपीएफओ के कामकाज की 69वीं वार्षिक रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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