DHFL Yes Bank Case: केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने यस बैंक-डीएचएफएल केस में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीबीआई ने आज इस मामले में अविनाश भोसले और उनसे जुड़ी कंपनियों, सत्येन टंडन और अन्य के खिलाफ मुंबई कोर्ट में चार्जशीट दायर की है.
अविनाश भोसले को मुंबई से किया गया था गिरफ्तार
मालूम हो कि अविनाश भोसले को यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि अविनाश भोसले पुणे के बड़े कंस्ट्रक्शन व्यापारी हैं और उन्हें पुणे में रिएल स्टेट किंग कहा जाता है. उनका नाम दीवान हाऊसिंग फाइनेंस लिमिटेड और यस बैंक घोटाले में आया था. बीते कुछ समय से अलग-अलग मामलों में उनसे पूछताछ हो रही है.
जांच एजेंसी का दावा
इससे पहले हाल ही में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक और चार्जशीट दाखिल कर दावा किया था कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) की मिलीभगत वाले 36,614 करोड़ रुपये में कर्ज देने में नियमों का पालन न करने के तरीके बताए हैं. सीबीआई के अनुसार, डीएचएफएल के प्रमुख कपिल वाधवन ने धोखाधड़ी मामले में सह-आरोपी संजय छाबड़िया की कंपनियों को बिना नियमों का पालन किए 400 करोड़ रुपये का लोन मुहैया कराया.
2018 में अप्रैल से जून के बीच शुरू हुआ था घोटाला
एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यस बैंक और डीएचएफएल घोटाले के तार महाराष्ट्र के दूसरे बड़े बिल्डरों से तो नहीं जुड़े हैं. इस मामले में सीबीआई ने 30 अप्रैल को महाराष्ट्र के कुछ बड़े बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. बता दें कि सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, यह घोटाला 2018 में अप्रैल से जून के बीच शुरू हुआ था, जब यस बैंक ने डीएचएफएल के अल्पावधि ऋणपत्रों में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसके बदले में वधावन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिजनों को 600 करोड़ रुपये की रिश्वत दी.
