Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana: 1 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई. अब यह योजना सिर्फ आय के आधार पर नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और सेहत से भी जुड़ गई है. अब जिन महिलाओं के बच्चे पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हैं या जिनकी सेहत में सुधार होता है, उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा.
₹2,100 कैसे मिलेंगे?
- अब महिलाओं को मिलने वाले ₹2,100 दो हिस्सों में दिए जाएंगे.
- ₹1,100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में.
- ₹1,000 रुपये सरकार FD/RD में जमा करेगी, जो कुछ समय बाद ब्याज के साथ मिलेंगे.
सरकार बताएगी कि यह जमा राशि कब खाते में आएगी, लेकिन यह अवधि 5 साल से ज्यादा नहीं होगी.अगर किसी महिला की असमय मृत्यु हो जाती है, तो यह पैसा सीधे उसके नॉमिनी को मिल जाएगा.
योजना में अब क्या-क्या नए बदलाव हुए हैं?
- अब ₹1.80 लाख सालाना आय तक के परिवारों की महिलाएं भी इस योजना के दायरे में आएंगी
जिन परिवारों की आय ₹1.80 लाख से कम है और उनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, अगर वे
10वीं या 12वीं में 80% से ज्यादा अंक लाते हैं, तो उनकी मां को योजना का लाभ मिलेगा.
निपुण मिशन के तहत कक्षा 1 से 4 तक जरूरी पढ़ाई का स्तर हासिल करने वाले बच्चों की माताएं भी पात्र होंगी - अगर कोई बच्चा पहले कुपोषित या एनीमिया से पीड़ित था और अब पूरी तरह स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो उसकी मां को भी ₹2,100 मिलेंगे.
- कुल राशि में से ₹1,100 तुरंत मिलेंगे और ₹1,000 एफडी में भविष्य के लिए जमा होंगे.
पहले भी सरकार बदल चुकी है नियम
बीजेपी ने 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि 18 से 60 साल की सभी महिलाओं को ₹2,100 महीने दिए जाएंगे. उस वक्त अनुमान था कि करीब 80 लाख महिलाएं इसका लाभ लेंगी. लेकिन 15 सितंबर 2025 को जब योजना की अधिसूचना जारी हुई, तो शर्तें कड़ी कर दी गईं.
- न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई.
- परिवार की सालाना आय सीमा ₹1 लाख तय कर दी गई.
- महिला का हरियाणा का स्थायी निवासी होना या कम से कम 15 साल से राज्य में रहना जरूरी कर दिया गया.
- सरकारी नौकरी करने वाली या विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन पाने वाली महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया.
नतीजा क्या निकला?
इन शर्तों की वजह से योजना के दायरे में आने वाली महिलाओं की संख्या 80 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गई. जब नवंबर 2025 में पहली किस्त जारी हुई, तो सिर्फ 5 लाख 22 हजार महिलाओं को ही पैसा मिला. 1 जनवरी 2026 तक भी सिर्फ 10 लाख महिलाओं ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है, जो हरियाणा की वयस्क महिला आबादी का लगभग 10% ही है.
Also Read: पीएम किसान की 22वीं किस्त का इंतजार खत्म? जानें किसानों के खाते में ₹2,000 कब आएंगे
