1 करोड़ की डियर लॉटरी जीतने पर असल में कितने रुपये मिलेंगे? जानिए टैक्स और TDS का पूरा गणित

क्या आप डियर लॉटरी के 1 करोड़ रुपये के जैकपॉट को लेकर उत्साहित हैं? जानें कि टैक्स और कटौतियों के बाद विजेता को असल में कितनी रकम मिलेगी. यह जानकारी आपके लिए बेहद ज़रूरी है.

डियर लॉटरी (Dear Lottery) में 1 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीतने की खबर से हर कोई आकर्षित होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित होने के बाद विजेता के बैंक खाते में पूरी राशि नहीं आती? इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, लॉटरी जीतने की राशि पर भारी टैक्स कटता है. आइए जानते हैं कि सभी कटौतियों के बाद विजेता को हाथ में कितनी नेट राशि मिलती है.

लॉटरी की कमाई पर कितना टैक्स लगता है?

भारत में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BB के तहत लॉटरी, सट्टेबाजी या गेमिंग से होने वाली कमाई को 'अन्य स्रोतों से आय' माना जाता है. इस पर सीधे 30% की फ्लैट दर से टैक्स लगता है. इसके अलावा 4% हेल्थ एवं एजुकेशन सेस और आय के आधार पर सरचार्ज भी जोड़ा जाता है.

  • 1 करोड़ के जैकपॉट पर टैक्स का पूरा हिसाब
  • कुल राशि- 1,00,00,000 रुपये
  • मूल TDS / टैक्स (30%) - 30,00,000 रुपये
  • सरचार्ज (10% - मूल टैक्स 30 लाख रुपये पर) - 3,00,000 रुपये
  • हेल्थ एवं एजुकेशन सेस (4% - [टैक्स + सरचार्ज] पर) - 1,32,000
  • कुल टैक्स कटौती (Total Tax) - 34,32,000
  • हाथ में आने वाली नेट राशि - 65,68,000

क्लेम कैसे करें और TDS सर्टिफिकेट का महत्व

  • TDS की कटौती : लॉटरी ऑपरेटर (Dear Lottery) आपको पैसे देने से पहले 30% TDS काटकर बाकी रकम का भुगतान करता है.
  • Form 16B / TDS Certificate: भुगतान के बाद ऑपरेटर आपको TDS सर्टिफिकेट जारी करेगा. यह सबूत होता है कि आपका टैक्स सरकार के पास जमा हो चुका है.
  • ITR फाइलिंग : वित्तीय वर्ष के अंत में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय इस आय और काटे गए TDS की जानकारी देना अनिवार्य है.

डिस्क्लेमर (Disclaimer): प्रभात खबर (Prabhat Khabar) किसी भी प्रकार की लॉटरी, जुए या सट्टेबाजी को प्रोत्साहित या बढ़ावा नहीं देता है. यह लेख केवल पाठकों को लॉटरी की कमाई पर लगने वाले टैक्स, TDS और वित्तीय नियमों के प्रति जागरूक और सतर्क करने के उद्देश्य से लिखा गया है. लॉटरी या किसी भी वित्तीय योजना में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से पहले नियमों को ध्यान से पढ़ें और किसी भी धोखाधड़ी या वित्तीय जोखिम से बचने के लिए सतर्क रहें.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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