दिल्ली में गरीबों को मिलेगा अपना घर, डीडीए की जन साधारण आवास योजना का दूसरा चरण शुरू

DDA Housing Scheme: दिल्ली विकास प्राधिकरण ने जन साधारण आवास योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की है. इस योजना के तहत शिवाजी मार्ग, रोहिणी, नरेला और रामगढ़ कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में 1,500 किफायती फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. पहले ही दिन 1,000 से अधिक फ्लैट बुक हो गए. यह योजना लोअर इनकम ग्रुप और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को राजधानी में सस्ती दरों पर आवास प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है.

DDA Housing Scheme: दिल्ली में गरीबों को अब अपना घर मिलेगा. दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राजधानी में किफायती आवास उपलब्ध कराने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए जन साधारण आवास योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की है. यह पहल सात नवंबर 2025 से शुरू की गई, जिसके तहत लगभग 1,500 फ्लैट लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए पेश किए जा रहे हैं.

प्रमुख इलाकों में फ्लैटों की पेशकश

डीडीए की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस योजना में शामिल सभी आवास दिल्ली के ऐसे क्षेत्रों में बनाए गए हैं, जो परिवहन, शिक्षा और रोजगार के केंद्रों से अच्छी तरह जुड़े हैं.
इन इलाकों में शिवाजी मार्ग, रामगढ़ कॉलोनी, रोहिणी और नरेला शामिल हैं. इन जगहों को इसलिए चुना गया है, ताकि आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ नागरिकों को शहर के मूल ढांचे तक आसान पहुंच मिल सके.

पहले ही दिन दिखा जनता का उत्साह

डीडीए के अनुसार, योजना के शुरू होते ही नागरिकों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया. पहले ही 24 घंटों में 1,000 से अधिक फ्लैट बुक हो गए. यह आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्ली में सस्ती आवास योजनाओं को लेकर लोगों में कितना विश्वास और रुचि है. खास बात यह रही कि रोहिणी, रामगढ़ कॉलोनी और शिवाजी मार्ग के सभी फ्लैट पहले ही दिन पूरी तरह बुक हो गए.

उप राज्यपाल ने जताई संतुष्टि

दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने इस योजना की प्रगति की समीक्षा की और इसकी तेजी से होती बुकिंग पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह डीडीए की पारदर्शी और कुशल कार्यशैली को भी दर्शाती है.

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योजना का उद्देश्य और आगे की दिशा

डीडीए की यह योजना उन परिवारों को घर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, जो राजधानी में ऊंचे किराए या अनौपचारिक बस्तियों में रह रहे हैं. डीडीए आने वाले महीनों में तीसरे चरण की तैयारी भी कर रहा है, जिससे दिल्ली में किफायती आवास की उपलब्धता और बढ़ाई जा सके. यह कदम सभी के लिए आवास (हाउसिंग फॉर ऑल) के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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