Crude Oil Price: दुनियाभर के बाजारों में बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखने को मिली. एक तरफ जहां इसी हफ्ते अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य हमले किए थे, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच परदे के पीछे (इनडायरेक्ट) बातचीत भी जारी है. इसी वजह से तेल के बाजार में यह सुस्ती देखी जा रही है.
कच्चे तेल के दाम कहां तक गिरे?
बुधवार सुबह शुरुआती कारोबार में इंटरनेशनल मार्केट में अगस्त महीने के लिए ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स 1.59% गिरकर 95.13 डॉलर पर आ गया. वहीं, जुलाई महीने के लिए डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड का भाव 1.82% की गिरावट के साथ 92.18 डॉलर दर्ज किया गया. भारतीय बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून का क्रूड ऑयल फ्यूचर्स अपने पिछले बंद भाव 9014 रुपये से 1.69% टूटकर 8862 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि जुलाई का फ्यूचर्स 1.73% की गिरावट के साथ 8596 रुपये पर आ गया.
हमले के बावजूद क्यों हो रही है बातचीत?
ताजा रेपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी ईरान में अमेरिकी मिलिट्री स्ट्राइक के बाद भी दोनों देश स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने और युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने हमलों का बचाव करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई ईरानी बलों के खतरों से अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी. इस बीच ईरानी मीडिया ने भी हॉर्मुज के पास अब्बास शहर और तटीय इलाकों में धमाकों की बात कही है. इस तनाव के बीच शांति वार्ता पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि किसी भी समझौते तक पहुंचने में अभी कई दिन लग सकते हैं. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छे ढंग से आगे बढ़ रही है.
ओमान के तट पर क्या हुआ?
इसी दौरान ‘यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (UKMTO) ने ओमान के तट के पास एक जहाज पर विस्फोट की जानकारी दी है. यह घटना ओमान के मस्कट से 60 समुद्री मील पूर्व में हुई. टैंकर के मास्टर ने शिप पर बाहरी विस्फोट होने की बात बताई है. हालांकि राहत की बात यह है कि पूरा क्रू और शिप सुरक्षित हैं. धमाके के कारण शिप से कुछ बंकर ऑयल समुद्र में बह गया है.
एशिया के लिए क्यों आ रहा है अमेरिकी इमरजेंसी तेल?
तेल बाजार से जुड़ी एक और बड़ी खबर रॉयटर्स के हवाले से आई है. अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (आपातकालीन तेल भंडार) से कच्चे तेल की एक खेप फिलीपींस भेजी जा रही है. नवंबर 2022 के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिका अपने इमरजेंसी रिजर्व का तेल एशिया के किसी देश को भेज रहा है.
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