Crude Oil Price : महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए ऊर्जा के मोर्चे से एक और चिंताजनक खबर आ रही है. घरेलू वायदा बाजार (MCX) में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में 117 रुपये की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसके दाम 9,841 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत हाजिर मांग और वैश्विक अनिश्चितता के कारण व्यापारियों ने जमकर खरीदारी की है, जिसका असर कीमतों पर दिख रहा है.
बाजार का ताजा हाल (MCX अपडेट)
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जून महीने की डिलीवरी वाले कच्चे तेल के अनुबंधों (Contracts) में 1.2 प्रतिशत की तेजी देखी गई. बाजार में कुल 2,276 लॉट का कारोबार हुआ, जो यह दर्शाता है कि निवेशक आने वाले समय में कीमतों के और बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं.
ग्लोबल मार्केट में भी बढ़ी गर्मी
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कच्चे तेल के दाम चढ़े हुए हैं:
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI): इसकी कीमत 1.30 प्रतिशत बढ़कर 102.49 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
- ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): न्यूयॉर्क के बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल 1.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है.
कीमतों में बढ़त की वजह क्या है?
मजबूत हाजिर मांग: घरेलू बाजार में कच्चे तेल की मांग बढ़ी है, जिससे व्यापारियों ने अपने सौदे (Bets) बढ़ा दिए हैं.
- वैश्विक तनाव: दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में बाधा आने की आशंका ने कच्चा तेल महंगा कर दिया है.
आम आदमी पर क्या होगा असर?
कच्चे तेल की कीमतों में इस तरह का उछाल सीधे तौर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित करता है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए वायदा बाजार में बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में ईंधन और माल ढुलाई को और महंगा बना सकती हैं.
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