किरीबुरु खदान में कोरोना वायरस की रोकथाम के नहीं हो रहे उपाय, SAIL के कर्मचारियों ने किया काम करने से इन्कार

corornavirus outbreak : SAIL employees refused to work in meghahatuburu mines of jharkhand, किरीबुरु : सेल के मेघाहातुबुरु खदान प्रबंधन ने कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु उपायुक्त एवं सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, तो नाराज सेलकर्मियों ने पहली पाली के ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया. इन लोगों ने बिना सुरक्षा के ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया. इस मामले को लेकर जनरल ऑफिस सभागार में महाप्रबंधक कमलेश राय, उप-महाप्रबंधक अमित विश्वास व अन्य से सेलकर्मियों की लंबी वार्ता भी असफल रही. वार्ता असफल होने के बाद सेलकर्मी ड्यूटी पर नहीं गये.

किरीबुरु : सेल के मेघाहातुबुरु खदान प्रबंधन ने कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु उपायुक्त एवं सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, तो नाराज सेलकर्मियों ने पहली पाली के ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया. इन लोगों ने बिना सुरक्षा के ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया. इस मामले को लेकर जनरल ऑफिस सभागार में महाप्रबंधक कमलेश राय, उप-महाप्रबंधक अमित विश्वास व अन्य से सेलकर्मियों की लंबी वार्ता भी असफल रही. वार्ता असफल होने के बाद सेलकर्मी ड्यूटी पर नहीं गये.

सेल के कर्मचारी हाजिरी बनाकर वहां डटे हुए हैं. इससे उत्पादन एवं माल ढुलाई का काम पूरी तरह बाधित हो गया है. कर्मियों ने बताया की उपायुक्त ने सेल प्रबंधन को दिशा-निर्देश जारी किया है कि वह तमाम कार्यस्थलों, ड्यूटी वाहनों आदि को नियमित तौर पर सैनीटाइज करे, खादान के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग करे, कर्मचारियों को सैनीटाइजर, मास्क व सुरक्षा से जुड़े तमाम जरूरी संसाधन उपलब्ध कराये लेकिन प्रबंधन ने इनमें से किसी भी निर्देश का पालन नहीं किया.

कर्मचारियों का कहना है कि उपायुक्त ने खदान में मैन पावर कम करने के भी निर्देश दिये हैं. प्रशासन ने कहा है कि तमाम निर्देशों का पालन करने के बाद ही खदानों का संचालन किया जाये, लेकिन प्रबंधन ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों को ताक पर रख दिया है. सेलकर्मियों ने बताया की देश कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रहा है. इससे बचने के लिए प्रधानमंत्री से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है.

लेकिन, मेघाहातुबुरु का सेल प्रबंधन बसों को सैनीटाइज किये बगैर भेड़-बकरियों की तरह कर्मचारियों को उसमें ठूंस-ठूंसकर ड्यूटी पर भेजा जा रहाहै. हैंड सैनीटाइजर और मास्क सेल के कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है. यहां तक कि आवासीय व खदान क्षेत्रों में फॉगिंग एवं दवा का छिड़काव सही से नहीं हो रहा है. इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. खादान के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की कोई सुविधा नहीं है.

कर्मचारियों की शिकायत है कि सेल की खादानों में अन्य प्रदेशों से भारी वाहनों से सामान मंगाये जा रहे हैं, जिससे कोरोना के वायरस शहर में आ सकते हैं. मैन पावर कम करके खादान चलाने के सरकारी आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है. कर्मचारियों ने कहा कि वे काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन जरूरी सुरक्षा संसाधन व साफ-सफाई के बगैर नहीं.

इस संबंध में किरीबुरु-मेघाहातुबुरु खदान के उप महाप्रबंधक (पीएंडए) अमित विश्वास ने कहा कि सेलकर्मियों से वार्ता असफल रही है. हमारे पास थर्मल स्क्रीनिंग मशीन और सैनीटाइजर उपलब्ध नहीं है. हमारे पास जो भी संसाधन है, उससे बस को सैनीटाइज कर रहे हैं. कार्यस्थलों की साफ-सफाई करने का भी काम शुरू कर दिया गया है. बसों के फेरे बढ़ाकर उसमें कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गयी है. कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं और कार्यस्थल पर नहीं जा रहे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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