CMIE Report: आम जनता के खर्च में बड़ा बदलाव, शराब-हेल्थ-गाड़ी पर खुलकर खर्च कर रहे भारतीय

CMIE Report: सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अब कपड़ों से ज्यादा शराब, गाड़ियों और हेल्थ पर खर्च कर रहे हैं. 2023-24 में शराब पर 26% ज्यादा खर्च हुआ, गाड़ियों की खरीद बढ़ी और हेल्थ पर 18.75% अधिक खर्च किया गया.

CMIE Report: देश के आम लोगों के खर्च करने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. सीएमआईई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अब कपड़ों की तुलना में शराब पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं. 2023-24 में देश में कुल 1.20 लाख करोड़ रुपये शराब पर खर्च किए गए, जबकि कपड़ों पर 7.29 लाख करोड़ रुपये. हालांकि कपड़ों पर खर्च में गिरावट दर्ज की गई है, पिछले वर्ष यानी 2022-23 में यह 7.60 लाख करोड़ रुपये था. वहीं शराब पर खर्च में 26 फीसदी का इजाफा हुआ है—2022-23 में यह 0.95 लाख करोड़ रुपये था.

अपनी गाड़ी खरीदने में बढ़ी दिलचस्पी

रिपोर्ट यह भी बताती है कि खुद की गाड़ी खरीदने में लोगों की रुचि बढ़ रही है. 2022-23 में जहां गाड़ियों पर 2.64 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 3.26 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके मुकाबले सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर खर्च 14.32 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.50 लाख करोड़ रुपये हुआ है. यानी निजी गाड़ियों पर खर्च का अनुपात तेज़ी से बढ़ा है.

सेहत पर बढ़ रहा है ध्यान

लोगों में हेल्थ को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है. हेल्थ से जुड़ी सेवाओं पर खर्च में 18.75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यह खर्च 2022-23 के 8.48 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 10.07 लाख करोड़ रुपये हो गया है. हालांकि इंश्योरेंस प्रीमियम में मामूली गिरावट आई है—1.77 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.71 लाख करोड़ रुपये.

खाने-पीने पर बढ़ता खर्च, महंगाई का असर

खाद्य वस्तुओं पर खर्च में भी 8.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2023-24 में कुल खर्च का 28 फीसदी यानी 5.15 लाख करोड़ रुपये खाद्य वस्तुओं पर गया. महंगाई के चलते सब्जी, फल, दालें, दूध, अंडे, चीनी जैसी चीजों के दाम बढ़े हैं, जिससे कुल खर्च भी बढ़ा है.

डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता

मनोरंजन पर खर्च में हल्की गिरावट के बावजूद इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर खर्च में 8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. डिजिटल कनेक्टिविटी में आई तेजी से यह इजाफा हुआ है.

Also Read: बुढ़ापे में मिलेगा हर महीने ₹3000, जानिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में सबकुछ

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >