पुराने SIM कार्ड से निकला ‘असली सोना’, इस शख्स ने कबाड़ को बना दिया कुबेर का खजाना!

China Man Turns Old SIM Cards Into Gold: चीन के एक शख्स ने 2 टन इलेक्ट्रॉनिक कचरे और सिम कार्ड्स को प्रोसेस करके 191 ग्राम सोना निकाला, जिसकी कीमत ₹23 लाख है.

SIM Cards: आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है. किस्सा चीन के गुआंगडोंग प्रांत के हुइझोउ शहर का है. यहां ‘क्याओ’ (Qiao) नाम के एक भाई साहब रहते हैं, जो पेशे से कबाड़ से कीमती धातुएं निकालने और उन्हें शुद्ध करने का काम करते हैं. उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया कि लोग अब अपने पुराने सिम कार्ड ढूंढने लगे हैं.

केमिकल का खेल और 20 लाख का मेल

South China Morning Post के अनुसार हुआ ये कि क्याओ ने 20 जनवरी को एक वीडियो डाला. वीडियो में उन्होंने पुराने सिम कार्ड्स और टेलीकॉम कचरे को रसायनों (Chemicals) से भरे ड्रमों में डाल दिया. इसके बाद शुरू हुआ ‘कौरोशन’ और ‘हीटिंग’ का लंबा प्रोसेस. अंत में जो निकलकर आया, उसे देख सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं. भाई ने कुल 191 ग्राम सोना निकाल लिया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 2 लाख युआन यानी लगभग 23 लाख भारतीय रुपये है.

Scrap sim cards. Photo: weibo

क्या सच में सिम कार्ड में सोना होता है?

अब आप सोच रहे होंगे कि क्या मेरा सिम कार्ड भी सोने की खान है? तो भैया, गणित समझ लीजिए. सिम कार्ड के जो हिस्से चिप से कनेक्ट होते हैं, उन पर सोने की परत चढ़ाई जाती है ताकि उनमें जंग न लगे और वे लंबे समय तक चलें. लेकिन, क्याओ ने बताया कि उन्होंने सिर्फ सिम कार्ड से ये सोना नहीं निकाला.

उन्होंने लगभग 2 टन (2000 किलो) इलेक्ट्रॉनिक कचरा इस्तेमाल किया था, जिसमें सिम कार्ड के साथ-साथ टेलीकॉम इंडस्ट्री के तमाम चिप्स शामिल थे. जानकारों की मानें तो एक अकेले सिम कार्ड में 0.001 ग्राम से भी कम सोना होता है. यानी अगर आप अमीर बनने के चक्कर में अपना सिम कार्ड गलाएंगे, तो हाथ में सिर्फ राख ही आएगी.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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