शापूरजी पालोनजी समूह के प्रमुख पालोनजी मिस्त्री अब हमारे बीच नहीं है. 93 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. कंपनी के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कि दिग्गज व्यवसायी पालोनजी ने अपने आवास पर दम तोड़ दिया है. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की रात में दक्षिण मुंबई स्थित उनके आवास पर नींद के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. मिस्त्री, टाटा समूह के सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक थे. समूह में उनकी 18.4 फीसदी हिस्सेदारी थी.
पीएम मोदी ने जताया दुख: पालोनजी मिस्त्री के निधन ने उद्योग जगत में निराशा का माहौल है. वहीं, देश के कई गणमान्य लोगों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है. पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा है कि, श्री पल्लोनजी मिस्त्री के निधन से दुखी हूं. उन्होंने वाणिज्य और उद्योग की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. उनकी आत्मा को शांति मिले.
50 देशों में फैला है कारोबार: दुनिया के 100 सबसे अमीर व्यवसायियों में शुमार शापूरजी पालोनजी का कारोबार कई देशों में फैला हुआ था. 50 से ज्यादा देशों में उनका कारोबार फैला हुआ था. । ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स की लिस्ट में वे दुनिया के 41वें सबसे अमीर आदमी थी. उनकी कुल संपत्ति 28.9 बिलियन डॉलर के आस-पास आंकी गई थी. जाने माने बिजनेसमैन साइरस मिस्त्री उनके ही बेटे हैं.
पद्म भूषण से हो चुके हैं सम्मानित: शापूरजी पालोनजी की गिनती देश के सबसे पुराने उद्योगपतियों में होती है. शापूरजी पालोनजी ग्रुप भारत की सबसे बड़ी व्यापारिक फर्मों में से एक है. यह 150 साल से भी ज्यादा पुरानी है. शापूरजी पालोनजी को उद्योग के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान में से एक पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था.
शापूरजी पालोनजी का परिवार: शापूरजी पालोनजी मिस्त्री अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनकी पत्नी का नाम पात्सी पेरिन दुबाश है. शापूरजी पालोनजी के दो बेटे और दो बेटियां हैं. उनके बेटे के नाम शापूर मिस्त्री और साइरस मिस्त्री है. वहीं, लैला मिस्त्री और आलू मिस्त्री उनकी दो बेटियां हैं.
भाषा इनपुट के साथ
