Business News: सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पहली बार 33% से नीचे आई

Business News: राजधानी दिल्ली में आयोजित जी-20 की बैठक को लेकर उद्योग जगत में काफी उत्साह है. जी-20 में शामिल नेताओं ने घोषणापत्र में वृद्धि को बढ़ावा देने, असमानताओं को कम करने और व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अच्छी तरह से जांची गईं मौद्रिक, राजकोषीय, वित्तीय और संरचनात्मक नीतियों की जरूरत दोहराई. घोषणापत्र के अनुसार, वैश्विक नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय बैंक अपने संबंधित आदेशों के अनुरूप मूल्य स्थिरता हासिल करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं. वैश्विक आर्थिक वृद्धि अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे है और असमान बनी हुई है.

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9:07 PM. 10 Sept 23 3:37 PM. 10 Sept

सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पहली बार 33% से नीचे आई

सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों का उद्योग के प्रीमियम में हिस्सा पहली बार एक-तिहाई से कम होकर 32.5 प्रतिशत रह गया है. साधारण बीमा परिषद के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में बड़ी निजी गैर-जीवन बीमा कंपनियों ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की प्रीमियम आय एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 34,203 करोड़ रुपये रह गई है. इसके चलते उनकी बाजार हिस्सेदारी 33.4 प्रतिशत से घटकर 32.5 प्रतिशत रह गई है. पिछले साल की समान अवधि में उनकी प्रीमियम आय 37,100 करोड़ रुपये थी. वहीं, स्वास्थ्य खंड में एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी भी दहाई के अंक में आते हुए 10.4 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में 9.2 प्रतिशत थी.

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वैश्विक सुस्ती पर बोइंग इंडिया का बड़ा बयान, भारतीय विमानन क्षेत्र की बुनियाद मजबूत

भारतीय विमानन क्षेत्र की वृद्धि के लिए बुनियाद मजबूत हैं. विमान विनिर्माता बोइंग ने इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि मांग को पूरा करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित करना, ईंधन पर कर को सुसंगत बनाना और बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश करना जरूरी है. बोइंग के पास भारतीय एयरलाइन कंपनियों से सैकड़ों विमानों के ऑर्डर हैं. उसने देश में पायलटों के प्रशिक्षण के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर सहित विभिन्न निवेश की घोषणा की है. बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि हमें भारत में कोई सुस्ती नहीं दिख रही है और हम एयरलाइंस के बीच बहुत अधिक लोड फैक्टर, मुनाफे की अत्यधिक उच्च दर, और विमानों की बेहद मजबूत मांग देख रहे हैं. हमने दुनिया में अबतक दिए गए कुछ सबसे बड़े ऑर्डर को यहां देखा है.

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इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आईएमईसी को बताया इतिहास में सबसे बड़ी सहयोगी परियोजना

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने महत्वाकांक्षी ‘भारत – पश्चिम एशिया – यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC) की घोषणा का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह हमारे इतिहास की सहयोग की सबसे बड़ी परियोजना है, जो पश्चिम एशिया और इजराइल की तस्वीर बदल देगी तथा साथ ही पूरी दुनिया को प्रभावित करेगी. इस नए आर्थिक गलियारे को कई लोग चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के विकल्प के रूप में देख रहे हैं. इसकी शनिवार को अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ के नेताओं ने संयुक्त रूप से घोषणा की.

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अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा, ईवी को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी जरूरी

अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा है कि दीर्घावधि के अनुबंधों के लिए एक बेहतर तरीके से परिभाषित भुगतान सुरक्षा तंत्र देश में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा. हिंदुजा ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक परिवहन की स्वीकार्यता बढ़ाने में सब्सिडी का भी महत्व है. उन्होंने कहा कि तो मैं दो क्षेत्रों के बारे में कहूंगा – एक सब्सिडी या अन्य कोई लाभ है, जो सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दे सकती है. दूसरा, किसी प्रकार के भुगतान सुरक्षा तंत्र की जरूरत है. इससे उद्योग अधिक तेज रफ्तार से आगे बढ़ सकेगा. उनसे पूछा गया था कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं. हिंदुजा ने कहा कि जब आप इन 10-12 साल के इन जीसीसी (सकल लागत अनुबंध) अनुबंधों को देखते हैं, तो मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) निश्चित रूप से कुछ सुरक्षा चाहते हैं. वे जानना चाहते हैं कि इतनी लंबी अवधि में भुगतान कैसे सुनिश्चित होगा.

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जैव ईंधन गठबंधन से जी20 देशों के लिए तीन साल में 500 अरब डॉलर के पैदा होंगे अवसर

भारतीय बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) का मानना है कि जैव ईंधन गठबंधन अगले तीन साल में जी20 देशों के लिए 500 अरब अमेरिकी डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है. आईबीए ने कहा कि जैव ईंधन गठबंधन जी20 देशों के साथ पर्यावरण की दृष्टि से भी लाभ का सौदा साबित होगा. आईबीए के एक अध्ययन के अनुसार, जैव ईंधन गठबंधन जी20 देशों के लिए अगले तीन साल में 500 अरब डॉलर के अवसर पैदा कर सकता है. अध्ययन के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत वर्तमान में नयी दिल्ली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इसमें कहा गया है कि अन्य ऊर्जा विकल्पों की तुलना में जैव ईंधन उत्पादन में कम निवेश की जरूरत और कच्चे माल की सुगम उपलब्धता को देखते हुए कहा जा सकता है कि बायोगैस से 200 अरब डॉलर के अवसर पैदा हो सकते हैं.

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मारुति सुजुकी के चेयरमैन भार्गव ने कहा, सरकार ने 9 साल में वाहन क्षेत्र के लिए उठाए कई कदम

केंद्र सरकार ने पिछले नौ साल के दौरान वाहन क्षेत्र के समक्ष आ रहे मुद्दों को हल करने के लिए कई कदम उठाए हैं और अब उद्योग की जिम्मेदारी है कि वह उसी के अनुरूप पहल करे. देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने यह बात कही है. भार्गव ने कहा कि तेजी से बढ़ने और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए भारतीय उद्योग को खुद को देखना होगा. उसे यह देखना होगा कि कुल दक्षता, उत्पादकता और लागत नियंत्रण में सुधार के लिए और क्या किया जा सकता है.

मुख्य बातें

Business News: राजधानी दिल्ली में आयोजित जी-20 की बैठक को लेकर उद्योग जगत में काफी उत्साह है. जी-20 में शामिल नेताओं ने घोषणापत्र में वृद्धि को बढ़ावा देने, असमानताओं को कम करने और व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अच्छी तरह से जांची गईं मौद्रिक, राजकोषीय, वित्तीय और संरचनात्मक नीतियों की जरूरत दोहराई. घोषणापत्र के अनुसार, वैश्विक नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्रीय बैंक अपने संबंधित आदेशों के अनुरूप मूल्य स्थिरता हासिल करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं. वैश्विक आर्थिक वृद्धि अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे है और असमान बनी हुई है.

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Published by: Madhuresh narayan

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