Budget 2025: मिडिल क्लास, किसान और साधु-संतों को बड़ी उम्मीदें, इनकम टैक्स में भी बदलाव की आस

Budget 2025 को लेकर मिडिल क्लास, किसानों और साधु-संतों को बड़ी उम्मीदें हैं. इनकम टैक्स में बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जिससे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है

Budget 2025: मध्यम वर्ग को उम्मीद है कि इस बार बजट में इनकम टैक्स के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए जा सकते हैं. हर साल टैक्स छूट को लेकर चर्चा होती है और इस बार भी लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है.

किसानों के लिए बढ़ सकती है पीएम किसान निधि की राशि

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस बार किसानों के लिए बजट में खास प्रावधान कर सकती है. लंबे समय से पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की मांग की जा रही है. इस योजना के तहत अभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 9,000 या 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद है.

महाकुंभ में जुटे साधु-संतों को भी बजट से उम्मीदें

प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में देशभर से आए साधु-संतों को भी मोदी सरकार के बजट से बड़ी उम्मीदें हैं. उनका मानना है कि सरकार राष्ट्रहित को प्राथमिकता देती है, इसलिए यह बजट भी लोकहित और देश को मजबूत करने वाला होगा.

रेल किराए और माल भाड़े में कटौती की मांग

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने मांग की है कि सरकार रेल किराए और माल भाड़े में कटौती करे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे काशी कॉरिडोर, अयोध्या में भव्य राम मंदिर और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर. उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन बढ़ता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है.

आर्थिक रूप से कमजोर संतों के लिए पेंशन योजना की मांग

महंत रवींद्र पुरी ने सरकार से अपील की कि जो संत आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए. इससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे और अपनी धार्मिक गतिविधियों को जारी रख सकेंगे.

महिला संतों के लिए अलग प्रावधान की अपील

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि महिला संतों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि महिला संत आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में और अधिक योगदान दे सकेंगी.

हर वर्ग को उम्मीदें, सरकार पर नजरें

साधु-संतों और आम जनता को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट 2025 हर वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश करेगा. इसके जरिए देश की आर्थिक स्थिति को और मजबूती मिलेगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नए कदम उठाए जाएंगे.

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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