Brent Crude Oil Price Surge: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. एक ही दिन में तेल के दाम 25% से ज्यादा बढ़कर 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए है. बाजार में डर का माहौल इतना है कि ट्रेडिंग के दौरान कीमतें 119.45 डॉलर के स्तर को भी छू गईं है.
क्यों अचानक बढ़ गए तेल के दाम?
इसका सबसे बड़ा कारण ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग है. हाल ही में हुए हमलों और ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबरों ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. चूंकि वेस्ट एशिया से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल खरीदता है, इसलिए लोगों को डर है कि अब तेल की सप्लाई रुक सकती है. जब बाजार में चीज कम होती है और मांग ज्यादा, तो दाम बढ़ना तय है.
आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि तेल की कीमतों का सीधा संबंध हमारी रसोई और जेब से है. अगर तेल महंगा होता है, तो माल ढुलाई (Transport) महंगी हो जाती है, जिससे फल, सब्जी और हर जरूरी चीज के दाम बढ़ जाते हैं. इसे कॉस्ट प्लस इन्फ्लेशन कहते हैं, यानी महंगाई का वो दौर जहां चाहकर भी खर्चा कम करना मुश्किल हो जाता है.
क्या दुनिया में मंदी आने वाली है?
जानकारों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर तक पहुंच गईं, तो दुनिया भर में आर्थिक मंदी (Recession) का खतरा बढ़ जाएगा. जब पेट्रोल-डीजल बहुत महंगा होता है, तो लोग अपनी जरूरत के अलावा बाकी चीजों पर पैसा खर्च करना बंद कर देते हैं. इससे कंपनियों का सामान कम बिकता है और अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ जाती है.
आगे क्या होने की उम्मीद है?
अभी बाजार में फियर प्रीमियम यानी डर की वजह से बढ़ी हुई कीमतें हावी हैं. अगर युद्ध शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में तेल और भी ज्यादा महंगा हो सकता है. दुनिया भर के बैंकों को महंगाई काबू करने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिससे आम जनता के लिए लोन और EMI भी महंगी हो सकती है.
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