कहीं राहत, कहीं आफत: बीजेपी और कांग्रेस के राज्यों में कितना अलग है पेट्रोल-डीजल का भाव?

BJP vs Other Ruled States wise VAT On Petrol Diesel : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में VAT यानी Value Added Tax बड़ी भूमिका निभाता है. यह टैक्स राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है, इसलिए हर राज्य में इसकी दर अलग-अलग होती है. किसी प्रदेश में VAT ज्यादा है तो कहीं कम. ऐसे में आज हम जानेंगे कि अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर कितना VAT लगाया जा रहा है.

BJP vs Other Ruled States wise VAT On Petrol Diesel : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. आज यानि 23 मई 2026 को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर ₹92.49 प्रति लीटर हो गया है. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में भी ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी. पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है. इससे पहले 15 मई को CNG के दाम ₹2 और 18 मई को ₹1 बढ़ाए गए थे.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में VAT यानी Value Added Tax बड़ी भूमिका निभाता है. यह टैक्स राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है, इसलिए हर राज्य में इसकी दर अलग-अलग होती है. किसी प्रदेश में VAT ज्यादा है तो कहीं कम. ऐसे में आज हम जानेंगे कि अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर कितना VAT लगाया जा रहा है और सबसे ज्यादा व सबसे कम VAT किस राज्य में है.

आगे बढ़ने से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों का ब्रेकडाउन समझ लेते हैं. किसी भी राज्य में पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकार का VAT, डीलर कमीशन और बेस प्राइस शामिल होता है. यही वजह है कि हर राज्य में तेल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं. जिन राज्यों में VAT ज्यादा होता है, वहां पेट्रोल-डीजल महंगे हो जाते हैं.

BJP-NDA शासित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के राज्यों में टैक्स की दरों में काफी उतार-चढ़ाव है। आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में टैक्स काफी ज्यादा है, जबकि गुजरात और मेघालय जैसे राज्यों में यह काफी कम है.

BJP-NDA शासित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

बीजेपी और सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में वैट (VAT) की दरें इस प्रकार हैं.

राज्य / केंद्र शासित प्रदेशपेट्रोल VAT (%)डीजल VAT (%)
आंध्र प्रदेश31.00%22.25%
राजस्थान29.04%17.30%
मध्य प्रदेश29.00%19.00%
ओडिशा28.00%24.00%
महाराष्ट्र25.00%21.00%
असम24.77%22.19%
पश्चिम बंगाल25.00%17.00%
बिहार23.58%16.37%
सिक्किम22.00%12.00%
नागालैंड21.75%17.20%
गोवा21.60%17.60%
दिल्ली19.40%16.75%
उत्तर प्रदेश19.36%17.08%
हरियाणा18.20%16.00%
त्रिपुरा17.50%10.00%
पुडुचेरी16.98%11.22%
उत्तराखंड16.97%17.15%
लद्दाख15.00%6.00%
अरुणाचल प्रदेश14.50%7.00%
गुजरात13.70%14.90%
मेघालय13.50%5.00%
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह1.00%1.00%

कांग्रेस (Congress) शासित राज्य

कांग्रेस शासित राज्यों में टैक्स का ढांचा काफी ऊंचा बना हुआ है.

राज्यपेट्रोल VAT (%)डीजल VAT (%)
तेलंगाना35.20%27.00%
कर्नाटक29.84%21.17%
केरल22.76%22.76%
हिमाचल प्रदेश17.50%13.90%

अन्य क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रपति शासन वाले राज्य

क्षेत्रीय पार्टियों (जैसे आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, झामुमो आदि) के राज्यों का गणित मिला-जुला है.

पार्टी / शासनराज्य / केंद्र शासित प्रदेशपेट्रोल VAT (%)डीजल VAT (%)
NCजम्मू और कश्मीर24.00%16.00%
JMMझारखंड22.00%22.00%
ZPMमिजोरम18.00%10.00%
AAPपंजाब16.58%13.10%
TVKतमिलनाडु13.00%11.00%
राष्ट्रपति शासनमणिपुर25.00%13.50%

सबसे ज्यादा और सबसे कम वैट (VAT) वाले राज्य

पूरे देश के आंकड़ों को देखें तो टैक्स वसूलने के मामले में यह दो राज्य सबसे ऊपर और सबसे नीचे हैं.

  • सबसे अधिक वैट: तेलंगाना (कांग्रेस शासित) में देश का सबसे महंगा वैट ढांचा है, यहां पेट्रोल पर 35.20% और डीजल पर 27.00% वैट वसूला जाता है.
  • सबसे कम वैट: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (BJP-NDA शासित) में सबसे कम टैक्स है, यहाँ पेट्रोल और डीजल दोनों पर महज 1.00% वैट लागू है.

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By Abhishek pandey

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