Bharat Coking Coal IPO आज से शुरू, सब्सक्रिप्शन से पहले जानें पूरी डिटेल

Bharat Coking Coal IPO: Bharat Coking Coal IPO आज से खुलने वाला है. GMP मजबूत है और लिस्टिंग पर 72% तक लाभ की उम्मीद जताई जा रही है. जानें कीमत, लॉट और वित्तीय स्थिति क्या है.

By Soumya Shahdeo | January 9, 2026 8:03 AM

Bharat Coking Coal IPO: सरकारी कोयला कंपनी Bharat Coking Coal Ltd (BCCL) का बहुप्रतीक्षित IPO आज यानी 9 जनवरी 2026 से खुलने वाला है. यह IPO अब 13 जनवरी 2026 तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा. कोयला इंडिया की 100% सहायक कंपनी होने के कारण बाजार में इस इश्यू को लेकर शुरुआत से ही सकारात्मक माहौल दिखा है. खासकर इसलिए क्योंकि BCCL देश की स्टील इंडस्ट्री को कोकिंग कोल सप्लाई करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में से एक है.

IPO का आकार और इश्यू की प्रकृति क्या है?

इस IPO का कुल आकार 1,071.11 करोड़ रुपये है. यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इससे कोई नया पैसा नहीं मिलेगा. इसके जरिये Coal India Ltd, जो BCCL में फिलहाल 100% हिस्सेदारी रखती है, अपनी शेयर होल्डिंग का एक हिस्सा बेच रही है. इस कदम से कंपनी पर कोई कर्ज या वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा, लेकिन सरकार को अपने हिस्से का पैसा मिलेगा.

कितना निवेश करना होगा और मूल्य सीमा और लॉट साइज क्या हैं?

कंपनी ने अपने शेयर का मूल्य सीमा 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर तय की है. एक खुदरा निवेशक को आवेदन देने के लिए कम से कम 600 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा, जिसकी कीमत अप्पर बैंड पर 13,800 रुपये बैठेगी. छोटे गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 15 लॉट (9,000 शेयर) का है, जिसकी कीमत लगभग 2,07,000 रुपये बनती है. बड़े NII यानी हाई नेटवर्थ निवेशकों के लिए न्यूनतम सीमा 73 लॉट (43,800 शेयर) है, जिसकी कुल कीमत लगभग 10,07,400 रुपये होगी.

क्या लिस्टिंग पर फायदा मिल सकता है?

आज सुबह तक मिले अपडेट के अनुसार इस IPO का Grey Market Premium (GMP) 16.5 रुपये चल रहा है. अगर ऊपरी मूल्य 23 रुपये को आधार मानें तो अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 39.5 रुपये प्रति शेयर के आसपास बनता है. यानी निवेशकों को लगभग 72% तक के संभावित लिस्टिंग लाभ की उम्मीद जताई जा रही है, जिसके चलते ट्रेडर्स में हलचल तेज है.

कंपनी क्या करती है और प्रदर्शन कैसा रहा है?

BCCL एक Mini Ratna PSU है और भारत में कोकिंग कोल का सबसे बड़ा उत्पादक है. वित्त वर्ष 2025 में इसने देश में उत्पादित कोकिंग कोल का 58.5% हिस्सा अकेले पूरा किया था. कंपनी के पास 32 खदानें हैं जिनमें 25 ओपनकास्ट, 3 अंडरग्राउंड और 4 मिश्रित खदानें शामिल हैं. ये खदानें झारखंड के झरिया क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में स्थित हैं. FY25 में कंपनी ने 40.50 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन किया और उसके पास लगभग 7,910 मिलियन टन का कोयला भंडार मौजूद है जो लंबे समय तक उत्पादन की सुरक्षा देता है.

कंपनी की कमाई का 74-77% हिस्सा कोकिंग कोल से आता है, जबकि बाकी आय धुले कोयले और गैर-कोकिंग कोल से आती है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 13,803 करोड़ रुपये की आय दर्ज की जो FY24 के 14,246 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है. लाभ में भी 21% गिरावट आई और यह 1,240 करोड़ रुपये रहा. इसके बावजूद कंपनी पूरी तरह कर्ज-मुक्त है और ROE 20.83% तथा ROCE 30.13% जैसे मजबूत अनुपात बनाए हुए है. कंपनी ने Coal India को 44.43 करोड़ रुपये का पहला लाभांश दिया और पिछले 10 वर्षों का सबसे अधिक आयकर 406 करोड़ रुपये जमा किया.

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