Best App to Invest in US Stocks: आज के समय में भारत में बैठे-बैठे Apple, Google या Microsoft जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों (US Equities) में पैसा लगाना बेहद आसान हो गया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत आप हर साल 2.5 लाख डॉलर (लगभग 2 करोड़रुपये) तक विदेश भेजकर इंवेस्ट कर सकते हैं. भारत के फिनटेक ऐप्स सीधे अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज के मेंबर नहीं होते, बल्कि वे DriveWealth और Alpaca जैसे अमेरिकी क्लियरिंग ब्रोकर्स के साथ पार्टनरशिप करके काम करते हैं.
अगर आप भी अमेरिकी बाजार में उतरना चाहते हैं, आइए जानतें हैं कि आपके पैसों के लिए कौन सा ऐप सबसे सुरक्षित और किफायती है.
कौन-सा ऐप आपके लिए सबसे सही है?
- वेस्टेड (Vested): यह गंभीर और लंबे समय के इन्वेस्टर्स के लिए बेस्ट है. यह ऐप DriveWealth के साथ मिलकर काम करता है और “Vests” नाम के रेडीमेड पोर्टफोलियो बास्केट ऑफर करता है. ICICI, IDFC First और SBM बैंक के साथ ‘Vested Direct’ फीचर के जरिए इसमें पैसे ट्रांसफर करना काफी सस्ता पड़ता है. यहां अकाउंट मेंटेनेंस और कमीशन जीरो है, लेकिन पैसे निकालते समय 5 डॉलर से 11 डॉलर की विथड्रॉल फीस लगती है.
- इंडमनी (INDmoney): यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कम खर्च में आसान शुरुआत चाहते हैं. यह Alpaca और DriveWealth दोनों का इस्तेमाल करता है. ऐप के अंदर ही SBM या IndusInd बैंक का डिजिटल ‘Super Savings Account’ खुल जाता है, जिससे INR से USD कन्वर्जन तुरंत हो जाता है. यहां फॉरेक्स मार्कअप फीस सबसे कम (~0.75% से 1.2%) है और शुरुआती कुछ विथड्रॉल फ्री मिलते हैं.
- ग्रो (Groww): अगर आप पहले से ही भारतीय शेयरों या म्यूचुअल फंड के लिए Groww का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो बिना नया ऐप डाउनलोड किए सीधे अमेरिकी मार्केट का विंडो एक्टिवेट कर सकते हैं. यह DriveWealth से जुड़ा है. हालांकि, इसमें पैसे डालने के लिए आपको अपने मौजूदा बैंक नेट बैंकिंग से मैनुअल रेमिटेंस करना होगा, जहां बैंक 1.5% से 3% तक ज्यादा फॉरेक्स मार्कअप चार्ज कर सकते हैं.
इनवेस्टमेंट शुरू करने के स्टेप्स क्या हैं?
- KYC और W-8BEN फॉर्म: साइन-अप के समय आपको भारतीय KYC के साथ W-8BEN फॉर्म डिजिटल रूप से साइन करना होता है. यह फॉर्म प्रमाणित करता है कि आप अमेरिकी निवासी नहीं हैं, जिससे आपको अमेरिका में कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं देना पड़ता.
- पैसे ट्रांसफर करना (Funding): भारत से डॉलर भेजने पर आपका बैंक फॉरेक्स मार्कअप और 500 रुपये-1000 रुपये फ्लैट ट्रांसफर फीस लेता है. इसलिए ऐप्स के इन-बिल्ट बैंकिंग पार्टनर्स (जैसे Vested Direct या INDmoney का इन-ऐप अकाउंट) का उपयोग करना ज्यादा फायदेमंद है.
- टुकड़ों में शेयर खरीदना (Fractional Trading): अमेरिकी बाजार में पूरा शेयर खरीदना जरूरी नहीं है. आप मात्र 1 डॉलर (लगभग 85 रुपये) से भी किसी भी बड़ी कंपनी का एक छोटा सा हिस्सा या फ्रैक्शन खरीद सकते हैं.
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टैक्स और सुरक्षा के नियम क्या हैं?
- TCS नियम: एक फाइनेंशियल ईयर में 7 लाख रुपये से अधिक का विदेशी रेमिटेंस करने पर 20% टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) कटता है. यह कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है. इसे आप अपने सालाना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में रिफंड क्लेम कर सकते हैं या टैक्स लायबिलिटी से एडजस्ट कर सकते हैं. 7 लाख रुपये से कम पर यह 0% है.
- टैक्स और डिविडेंड: शेयर की कीमत बढ़ने पर मुनाफे (Capital Gains) पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगता, केवल भारत में होल्डिंग पीरियड के हिसाब से LTCG या STCG लगता है. कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड पर अमेरिका 25% टैक्स पहले ही काट लेता है, लेकिन भारत-US Double Taxation Avoidance Agreement (DTAA) के तहत आप भारत में ITR भरते समय इस कटे हुए टैक्स का क्रेडिट ले सकते हैं.
- पैसों की सुरक्षा: यदि कोई भारतीय ऐप बंद या बैंकक्रप्ट भी हो जाए, तो भी आपका पैसा सुरक्षित है. आपके शेयर्स अमेरिकी क्लियरिंग हाउस के पास होते हैं और इन्हें SIPC (Securities Investor Protection Corporation) का सुरक्षा कवच मिला हुआ है, जो 500,000 डॉलर (जिसमें 250,000 डॉलर कैश शामिल है) तक का इंश्योरेंस देता है.
अगर आपको आसान UI और सस्ता फॉरेक्स रेट चाहिए तो INDmoney चुनें, अगर पूरी तरह रिसर्च-बेस्ड लंबी अवधि का इनवेस्टमेंट करना है तो Vested बेहतर है, और यदि आप अपने सभी भारतीय और विदेशी इनवेस्टमेंट एक ही जगह देखना चाहते हैं तो Groww सबसे सीधा ऑप्शन है.
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