ITR Filing Benefits: अधिकतर लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने को सिर्फ एक सरकारी नियम या टैक्स चुकाने का जरिया मानते हैं. लेकिन असल में यह आपकी कमाई का सबसे मजबूत कानूनी डॉक्यूमेंट है. अगर आपका टैक्स नहीं भी कटता, तो भी सही समय पर ITR भरने से आपको कई बड़े वित्तीय फायदे मिलते हैं. आइए समझते हैं कि यह कैसे आपके काम आसान बनाता है.
नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी प्रॉपर्टी को बेचने पर अगर आपको घाटा (Capital Loss) हुआ है, तो ITR उसे फायदे में बदल सकता है. नियम के मुताबिक, आप इस नुकसान को अगले 8 सालों के लिए आगे (Carry Forward) बढ़ा सकते हैं. भविष्य में जब भी आपको कोई मुनाफा होगा, तो इस पुराने नुकसान को उसमें से घटा दिया जाएगा, जिससे आपकी टैक्स लायबिलिटी कम हो जाएगी. ध्यान रहे, यह फायदा तभी मिलेगा जब आप तय डेडलाइन के अंदर अपना रिटर्न फाइल करेंगे. इसमें लॉन्ग-टर्म नुकसान सिर्फ लॉन्ग-टर्म मुनाफे से और शॉर्ट-टर्म नुकसान दोनों तरह के मुनाफे (शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म) से एडजस्ट किया जा सकता है.
बैंक लोन जल्दी क्यों देते हैं?
जब आप होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सबसे पहले पिछले 2-3 सालों का ITR मांगते हैं. बैंक इसके जरिए आपकी असली कमाई और पैसा लौटाने की क्षमता (Repayment Capacity) को जांचते हैं. यदि आप नियमित रूप से रिटर्न फाइल करते हैं, तो बैंकों की नजर में आपकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है और लोन की मंजूरी प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाती है. इसके बिना लोन मिलने में काफी मुश्किलें आ सकती हैं.
कटे हुए पैसे वापस कैसे लाएं?
कई बार हमारी कुल सालाना आय टैक्स के दायरे में नहीं होती, फिर भी नौकरी या किसी अन्य निवेश पर TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) कट जाता है. इस कटे हुए पैसे को वापस पाने का एकमात्र रास्ता ITR फाइल करना है. इसके अलावा, अगर आपने PPF, NPS या ELSS जैसी टैक्स-सेविंग स्कीम्स में निवेश किया है और आपका एडवांस टैक्स ज्यादा जमा हो गया है, तो आप रिटर्न भरकर रिफंड क्लेम कर सकते हैं. वेरिफिकेशन के बाद यह पैसा सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
विदेश जाने का रास्ता कैसे साफ होगा?
यदि आप पढ़ाई, नौकरी या घूमने के लिए विदेश जाना चाहते हैं, तो वीजा इंटरव्यू के दौरान आपकी वित्तीय स्थिति का मजबूत होना जरूरी है. अमेरिका, यूके, कनाडा और यूरोपीय देशों जैसे कई बड़े देश वीजा आवेदकों से उनके ITR की कॉपियां मांगते हैं. यह इस बात का पुख्ता सबूत होता है कि आप अपने देश में एक जिम्मेदार नागरिक हैं, आपकी आय का एक तय जरिया है और आप आर्थिक रूप से सक्षम हैं. एक साफ-सुथरा ITR रिकॉर्ड आपके वीजा रिजेक्शन की संभावना को काफी कम कर देता है.
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