Bank Strike: अगर आप 12 फरवरी को बैंक की पर्ची भरने या किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. आने वाले बुधवार को देश के करीब 10 बड़े श्रमिक संगठन और किसान यूनियन मिलकर भारत बंद जैसा माहौल बनाने की तैयारी में हैं. इस विरोध प्रदर्शन की आंच सीधे तौर पर आपकी जेब और बैंकिंग कामकाज पर पड़ सकती है.
क्यों थम सकती है बैंकों की रफ्तार?
भले ही सरकार ने छुट्टी का ऐलान नहीं किया है, लेकिन AIBEA और BEFI जैसे दिग्गज बैंक यूनियनों के समर्थन ने टेंशन बढ़ा दी है. बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों ने स्पष्ट कर दिया है कि उस दिन स्टाफ की कमी के कारण चेक क्लियरिंग और कैश ट्रांजेक्शन में देरी हो सकती है.
इन 3 वजहों से नाराज हैं बैंककर्मी:
- सरकारी बैंकों को निजी हाथों में बेचने के फैसले का कड़ा विरोध.
- हफ्ते में 5 दिन काम (शनिवार की छुट्टी) को कानूनी मंजूरी देने की मांग.
- OPS को लेकर कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने वाला है.
सिर्फ बैंक नहीं, किसानों और मजदूरों का भी महा-मोर्चा
इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का भी पूरा साथ मिला है. किसान संगठन हाल ही में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को खेती के लिए खतरा बता रहे हैं. साथ ही, मनरेगा के बजट में हुई कटौती और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर ट्रेड यूनियन (AITUC, CITU) सरकार को घेरने की तैयारी में हैं.
आम जनता क्या करे?
इस हड़ताल के बीच आपकी दिनचर्या प्रभावित न हो, इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स पर हड़ताल का कोई असर नहीं होगा, इसलिए ऑनलाइन पेमेंट का सहारा लें.
- हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं से कैश मिलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए जरूरत भर की नकदी पहले ही निकाल लें.
- अगर किसी लोन की EMI या टैक्स भरने की आखिरी तारीख 12 फरवरी है, तो उसे 11 को ही निपटा लें.
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